दिल्ली-गुरुग्राम वेदर/क्राइम अपडेट: देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक होटल में लगी भीषण आग (Delhi Hotel Fire) ने गुरुग्राम के एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजाड़ दीं। इस भयानक हादसे में गुरुग्राम के सेक्टर-46 के रहने वाले एक ही परिवार के 7 सदस्यों सहित कुल 8 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को भी संभलने या बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
पिता का इलाज कराने दिल्ली आया था अग्रवाल परिवार
मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम निवासी विवेक अग्रवाल के पिता दिल्ली के मैक्स अस्पताल (Max Hospital) में भर्ती हैं। विवेक अपने पूरे परिवार के साथ पिता का हालचाल जानने और उनकी तीमारदारी के लिए दिल्ली आए हुए थे। अस्पताल के नजदीक होने के कारण पूरा परिवार मालवीय नगर के एक होटल में ठहरा हुआ था। बुधवार सुबह अचानक होटल की इमारत में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
हादसे में खत्म हो गईं परिवार की तीन पीढ़ियां, मृतकों के नाम:
इस दर्दनाक अग्निकांड में अग्रवाल परिवार की तीन पीढ़ियां एक साथ खत्म हो गईं। हादसे में जान गंवाने वाले सात रिश्तेदारों की पहचान इस प्रकार हुई है:
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विवेक अग्रवाल (पारिवारिक मुखिया)
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तर्जनी अग्रवाल (पत्नी)
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प्रेमलता अग्रवाल (माता)
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एंजल अग्रवाल (बड़ी बेटी)
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पर्ल अग्रवाल (छोटी बेटी)
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अशोक गोयल (मामा)
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कमला (मौसी)
गुरुग्राम में मातम: एक ही घर के सात लोगों की एक साथ मौत की खबर जैसे ही गुरुग्राम के सेक्टर-46 पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। पड़ोसियों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
चीख-पुकार के बीच दम घुटने से कमरों में ही थमी सांसें
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह जब आग लगी तो होटल के भीतर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। पूरी बिल्डिंग में जहरीला धुआं और आग की लपटें फैलने के कारण लोग अपने कमरों में ही ट्रैप (फंस) होकर रह गए।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग (Delhi Fire Service) की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) शुरू कर खिड़कियां तोड़ी गईं, लेकिन तब तक धुआं भरने और झुलसने के कारण 8 लोग दम तोड़ चुके थे।
फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों पर फिर उठे गंभीर सवाल
यह दर्दनाक हादसा दिल्ली के कमर्शियल भवनों और होटलों में फायर सेफ्टी (Fire Safety Rules) के पुख्ता इंतजामों पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग की वजह माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि क्या होटल के पास वैध एनओसी (NOC) थी या नहीं। दिल्ली के इस अग्निकांड ने पीड़ित परिवार को ऐसा गहरा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकेगी।