नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने आगामी फिल्म ‘काला हिरण’ की रिलीज और उसके प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग की है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी (जानी फायरफॉक्स फिल्म्स), डायरेक्टर भारत श्रीनेत, अक्षय पांडे और प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य पक्षों से जवाब मांगा है।
अदालत को सूचित किया गया कि फिल्म का ट्रेलर शुक्रवार को ही रिलीज कर दिया गया है, जबकि पहले इसे 20 जून को जारी करने के संकेत दिए गए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 19 जून 2026 तय की है।
याचिका में सलमान खान की मुख्य आपत्तियां:
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पहचान का दुरुपयोग (नीला ब्रेसलेट): याचिका में कहा गया है कि भले ही फिल्म में सीधे तौर पर सलमान खान के नाम का इस्तेमाल न किया गया हो, लेकिन इसके पोस्टर और प्रमोशनल कंटेंट से दर्शक आसानी से समझ सकते हैं कि यह उन्हीं पर आधारित है। 29 मई 2026 को जारी एक पोस्टर का हवाला देते हुए बताया गया कि उसमें दिख रहा किरदार सलमान खान जैसा है और उसने उनके सिग्नेचर स्टाइल वाला नीला ब्रेसलेट भी पहना हुआ है।
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भ्रामक छवि पेश करने का आरोप: पोस्टर में मुख्य किरदार को हथियार के साथ दिखाया गया है। सलमान के वकीलों का तर्क है कि आर्म्स एक्ट मामले में अभिनेता पहले ही बरी हो चुके हैं, ऐसे में इस तरह का चित्रण समाज में गलत संदेश दे सकता है।
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न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने का डर: याचिका के अनुसार, फिल्म की कहानी उन मामलों से प्रेरित है जो अभी उच्च अदालतों में विचाराधीन (सब-जुडिस) हैं। ऐसे संवेदनशील विषयों पर फिल्म बनाने और उसका प्रचार करने से निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
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पब्लिसिटी स्टंट का आरोप: अर्जी में प्रोड्यूसर अमित जानी के सोशल मीडिया पोस्ट और इंटरव्यू का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि फिल्म को जानबूझकर ‘काला हिरण मामले’ और ‘गैंगस्टर लॉरेंस’ से जोड़कर पब्लिसिटी बटोरने की कोशिश की जा रही है।
लीगल नोटिस की अनदेखी: सलमान खान की ओर से 24 अप्रैल 2026 को ही फिल्म से जुड़े लोगों को एक कानूनी नोटिस भेजकर इसके निर्माण और प्रमोशन को रोकने की मांग की गई थी। लेकिन कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने और प्रमोशनल एक्टिविटीज जारी रहने के कारण अभिनेता को अदालत का रुख करना पड़ा।