संगरूर: संगरूर पुलिस द्वारा नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस प्रमुख (SSP) डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि सब-डिवीजन संगरूर पुलिस द्वारा “युद्ध नशों के विरुद्ध” और “गांवों के पहरेदार” अभियान के तहत गत सप्ताह (9 जून 2026 से 15 जून 2026 तक) व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई है।
पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई का मुख्य लेखा-जोखा इस प्रकार है:
1. नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई (NDPS Act)
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मामले और गिरफ्तारियां: एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 06 मामले दर्ज कर 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
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बरामदगी: गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से 30.15 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई।
2. नाजायज शराब और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई
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आर्म्स एक्ट: थाना सिटी-1 संगरूर में आर्म्स एक्ट के तहत 01 मामला दर्ज कर एक आरोपी को दबोचा गया। आरोपी से एक .32 बोर का देसी पिस्तौल और 02 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
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आबकारी अधिनियम: शराब तस्करी के खिलाफ 01 मामला दर्ज कर 01 आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिससे देसी शराब की 12 बोतलें बरामद हुईं।
3. अन्य अपराध और एहतियाती गिरफ्तारियां
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गंभीर अपराधों और अन्य मामलों में संलिप्त 13 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया।
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संदिग्ध गतिविधियों के चलते 144 व्यक्तियों के खिलाफ धारा 172 बीएनएसएस (BNSS) के तहत कार्रवाई की गई तथा 11 व्यक्तियों के विरुद्ध निवारक (Preventive) कदम उठाए गए।
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यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कुल 184 ट्रैफिक चालान काटे गए।
4. नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता के प्रयास
एसएसपी डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि पुलिस सिर्फ अपराधियों को पकड़ ही नहीं रही, बल्कि नशे की दलदल में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास भी कर रही है।
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इसी के तहत 02 व्यक्तियों को नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करवाया गया और 02 अन्य को जरूरी दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं।
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युवाओं और आम जनता को जागरूक करने के लिए पंचायतों, स्पोर्ट्स क्लबों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं।
एसएसपी की जनता से अपील: डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने आम जनता से नशा विरोधी अभियान में पुलिस का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों या किसी भी असामाजिक तत्व के बारे में जानकारी मिलते ही तुरंत पुलिस को सूचित करें, सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।