अमृतसर: श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में सिख युवकों के साथ कथित दुर्व्यवहार और एकतरफा पुलिसिया कार्रवाई पर गहरी चिंता और नाराजगी जताई है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से श्री हेमकुंट साहिब यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।
हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट को सख्त हिदायत और जवाब तलब
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने ‘गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट’ के प्रतिनिधियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं को किरपान छोड़कर यात्रा पर आने की सलाह देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है।
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जवाब तलब: जत्थेदार ने साफ किया कि इस गैर-जिम्मेदाराना सलाह के लिए ट्रस्ट प्रबंधन से जवाब तलब किया जाएगा।
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ट्रस्ट की जिम्मेदारी: यात्रा शुरू होने से पहले ही उत्तराखंड सरकार से तालमेल बिठाकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा तय करना ट्रस्ट का प्राथमिक दायित्व है।
कर्णप्रयाग मामले में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई और प्रताड़ना का आरोप
हाल ही में कर्णप्रयाग में हुए सड़क विवाद का जिक्र करते हुए जत्थेदार ने उत्तराखंड पुलिस की भूमिका की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि:
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स्थानीय लोगों ने पहले सिख युवकों पर हमला किया, जिसके बाद युवाओं ने आत्मरक्षा में किरपान का इस्तेमाल किया।
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इसके बावजूद पुलिस ने सिख युवकों पर ही गंभीर धाराएं लगा दीं, उन्हें हिरासत में प्रताड़ित किया और सरेआम उनकी पगड़ियां उतारकर घुमाया, जिससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
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संवैधानिक मूल्यों का हनन: गिरफ्तारी के बाद सार्वजनिक रूप से पगड़ी उतरवाना लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के साथ-साथ दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
सिख संगत और संगठनों के लिए जारी किए अहम निर्देश
जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि ऐसी एकतरफा घटनाएं सिखों में अलगाव की भावना को बढ़ावा देती हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश में भी ऐसी घटनाएं देखी गई थीं, जहां उचित कदम नहीं उठाए गए। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए उन्होंने निम्नलिखित निर्देश और अपील जारी की हैं:
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मर्यादा में रहकर करें यात्रा: जत्थेदार ने देश-विदेश की सिख संगत से अपील की कि वे “तैयार-बर-तैयार” और शस्त्रधारी स्वरूप में यात्रा करें, लेकिन कानून, व्यवस्था और मर्यादा का पूरी तरह पालन करें। युवा किसी भी उकसावे में न आएं और कानून हाथ में न लें।
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उत्तराखंड के सिख संगठन रहें अलर्ट: उत्तराखंड के स्थानीय सिख संगठनों को निर्देश दिया गया है कि वे एकजुट होकर बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की हर संभव सहायता करें।
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SGPC देगी कानूनी मदद: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) को कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार किए गए सिख युवकों को पूरी कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
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हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था: यदि हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड में किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी या उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, तो उसकी सूचना तुरंत श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय को दी जाए।
अंत में, जत्थेदार ने उत्तराखंड सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ शरारती और भड़काऊ तत्वों के दबाव में आकर सिखों के खिलाफ की जा रही एकतरफा पुलिसिया कार्रवाई और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे।