Punjab News: गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इस वर्ष पंजाब सरकार ने अपनी विशेष झांकी ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत शताब्दी वर्ष को समर्पित की। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर निकली इस झांकी के माध्यम से गुरु साहिब द्वारा दिए गए मानवाधिकार, समानता और धर्म की स्वतंत्रता के संदेश को पूरी दुनिया के सामने गौरव के साथ प्रदर्शित किया गया।
झांकी का मुख्य संदेश: मानवता और न्याय
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान केवल एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के अधिकारों की रक्षा के लिए था। उन्होंने कहा:
“गुरु साहिब के उपदेश आज भी हमें समानता और स्वतंत्रता का मार्ग दिखाते हैं। इस झांकी के माध्यम से हम समाज को उन्हीं महान मूल्यों से रूबरू करा रहे हैं, जिनके लिए गुरु जी ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।”
होशियारपुर में तिरंगा फहराया, राजधानी के मुद्दे पर बरसे CM
इससे पहले, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने होशियारपुर में राज्य स्तरीय समारोह के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराया। अपने संबोधन में उन्होंने जहाँ पंजाबियों के बलिदानों को याद किया, वहीं एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा भी उठाया।

संबोधन की मुख्य बातें:
- कुर्बानी में अव्वल पंजाब: CM मान ने कहा कि देश की आजादी और सीमाओं की रक्षा में पंजाब ने सबसे बड़े बलिदान दिए हैं।
- राजधानी का अभाव: उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि इतनी कुर्बानियों के बावजूद, पंजाब देश का इकलौता ऐसा राज्य है जिसकी अपनी स्वतंत्र राजधानी नहीं है।
चंडीगढ़ पर दावा: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब और उसकी राजधानी चंडीगढ़ के हक के लिए सरकार पूरी ताकत से काम करेगी। उन्होंने संकल्प लिया कि पंजाब के हितों की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, वे पीछे नहीं हटेंगे।
यह गणतंत्र दिवस समारोह जहाँ एक ओर गुरु साहिब की आध्यात्मिक विरासत को समर्पित रहा, वहीं दूसरी ओर पंजाब के अधिकारों के प्रति राज्य सरकार की दृढ़ता का गवाह भी बना।
