चंडीगढ़: चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा द्वारा पंजाबियों को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी के बाद पंजाब और चंडीगढ़ की राजनीति में उबाल आ गया है। इस बयान के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, वहीं खुद भाजपा के भीतर से भी उनके खिलाफ इस्तीफे की मांग उठने लगी है।
‘आप’ ने किया भाजपा मुख्यालय का घेराव
आम आदमी पार्टी (चंडीगढ़) के अध्यक्ष विजयपाल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-33 स्थित भाजपा मुख्यालय ‘कमलम’ का जोरदार घेराव किया।
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पुतला फूंका: प्रदर्शनकारियों ने भाजपा अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की।
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स्वाभिमान पर हमला: ‘आप’ नेताओं ने कहा कि पंजाबियों ने देश की आजादी, रक्षा और अन्न उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान दिया है। मल्होत्रा का बयान पंजाबियों के स्वाभिमान पर सीधा हमला है। ‘आप’ ने उन्हें तुरंत पद से हटाने की मांग की है।
कांग्रेस ने कहा— “सार्वजनिक रूप से माफी मांगे भाजपा”
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि हर संकट में देश के लिए आगे रहने वाले पंजाबियों का ऐसा अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भाजपा को इसके लिए पूरे समाज से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। वहीं, कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने भी निशाना साधते हुए इसे पंजाब के प्रति भाजपा की संकीर्ण सोच का नतीजा बताया।
विवाद पर जितेंद्र पाल मल्होत्रा की सफाई— “बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया”
विवाद बढ़ता देख भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने खुद सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा:
“मैं खुद एक पंजाबी हूँ और पंजाबियत का दिल से सम्मान करता हूँ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो अधूरा है और इसे संदर्भ से अलग करके दिखाया जा रहा है। दरअसल, यह बात शहर में आयोजित एक खेल महोत्सव के संदर्भ में आत्ममंथन के तौर पर कही गई थी, जहाँ 3,000 से अधिक बच्चों ने भाग लिया था। मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति, समुदाय या पंजाबी समाज को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं था।”
भाजपा के अंदर भी बगावत: पार्षद कुलजीत सिंह संधू ने की हटाने की मांग
इस मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब भाजपा के अपने ही वरिष्ठ पदाधिकारी और वार्ड नंबर-14 के पार्षद/जिला उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह संधू ने अपनी ही पार्टी के अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
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कड़ी निंदा: संधू ने कहा कि यह टिप्पणी पंजाबियों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की भावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने और मल्होत्रा को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की।
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नीतियों पर घेरा: संधू ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ के किसान लंबे समय से ‘लैंड पूलिंग पॉलिसी’ और ‘चेंज इन लैंड यूज’ (CLU) नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि गांवों का विकास हो सके। लेकिन भाजपा अध्यक्ष लगातार इन जनहित की मांगों का विरोध कर रहे हैं, जो कि ग्रामीण आबादी और किसानों के हितों के खिलाफ है।