Sports Desk : केप वर्डे के खिलाफ शुरुआती मैच में निराशाजनक ड्रॉ खेलने के बाद आलोचनाओं से घिरी स्पेनिश फुटबॉल टीम ने मैदान पर धमाकेदार वापसी की है। फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप-H के अपने दूसरे बड़े मुकाबले में स्पेन ने सऊदी अरब को 4-0 से करारी शिकस्त देकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत का परचम लहराया। इस मैच में स्पेन की युवा ब्रिगेड पूरे 90 मिनट तक बेहद आक्रामक और लय में नजर आई, जिसके सामने सऊदी अरब का डिफेंस पूरी तरह असहाय और सिर्फ गेंद के पीछे भागता दिखाई दिया।
18 वर्षीय लमीन यमाल का मैदान पर ऐतिहासिक ‘कमाल’
इस एकतरफा और शानदार जीत के सबसे बड़े हीरो 18 वर्षीय विंगर लमीन यमाल रहे। फिटनेस समस्याओं के कारण पहला मैच बेंच पर बिताने वाले यमाल को जब इस मुकाबले में स्टार्टिंग इलेवन (शुरुआती एकादश) में मौका मिला, तो उन्होंने खेल के पहले 10 मिनट के भीतर ही शानदार गोल दागकर स्पेन को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। मिकेल ओयारजाबल द्वारा मिले एक बेहतरीन क्रॉस को यमाल ने बड़ी ही खूबसूरती से गोलपोस्ट के भीतर पहुंचा दिया।
महान फुटबॉलर ‘पेले’ के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी
इस शानदार गोल को दागते ही लमीन यमाल ने वर्ल्ड कप के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है। वह वर्ल्ड कप इतिहास में ओपनिंग गोल (मैच का पहला गोल) दागने वाले दुनिया के दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह ऐतिहासिक कारनामा सिर्फ ब्राजील के महान फुटबॉलर पेले ने साल 1958 में (महज़ 17 साल की उम्र में) वेल्स के खिलाफ किया था।
मिकेल ओयारजाबल के डबल अटैक से पस्त हुई सऊदी अरब
यमाल के इस शुरुआती झटके से सऊदी अरब की टीम अभी संभल भी नहीं पाई थी कि स्पेन के स्टार स्ट्राइकर मिकेल ओयारजाबल ने मैदान पर अपना जलवा बिखेरना शुरू कर दिया। उन्होंने पहले हाफ के 21वें और 24वें मिनट में लगातार दो क्लीनिकल फिनिश करते हुए स्कोर को 3-0 पर पहुंचा दिया।
महज 24 मिनट के भीतर ही स्पेन ने मुकाबले को पूरी तरह से अपनी मुट्ठी में कर लिया था। इसके बाद रॉड्री, पेड्रि और डानी ओल्मो की मजबूत मिडफील्ड तिकड़ी ने बॉल पजेशन पर ऐसा कब्जा जमाया कि सऊदी अरब के खिलाड़ी पूरे मैच में एक-एक अच्छे मूव के लिए तरसते नजर आए।