चंडीगढ़ मर्डर केस: 500 CCTV कैमरे और एक ‘सिल्वर सूटकेस’; केमिस्ट कैशियर हत्याकांड के शूटर ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे, एनकाउंटर में लगी गोली

Punjab

चंडीगढ़: सेक्टर-11 स्थित ‘श्री कुमार केमिस्ट’ के कैशियर जानकी दास की दिनदहाड़े हुई नृशंस हत्या के मामले में चंडीगढ़ पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। इस अंधेरे केस को सुलझाने और शूटरों तक पहुंचने में एक साधारण से ‘सिल्वर रंग के सूटकेस’ ने सबसे अहम सुराग की भूमिका निभाई। इसी सूटकेस के सुराग का पीछा करते हुए पुलिस ने जम्मू-कश्मीर से तीनों आरोपियों—आर्यन, सन्नी मेहरा और अमित को धर दबोचा।

हर सीसीटीवी फुटेज में दिखा ‘सिल्वर सूटकेस’

वारदात के बाद फरार हुए शूटरों की तलाश के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली और जम्मू तक के रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों व सार्वजनिक स्थानों पर लगे 500 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। केवल चंडीगढ़ में ही 100 से ज्यादा कैमरों की जांच की गई, जिनमें आरोपी 12 जगहों पर कैद हुए थे।

पुलिस ने नोटिस किया कि कजहेड़ी में कपड़े बदलने से लेकर, दिल्ली के पहाड़गंज के होटल में रुकने और फिर ट्रेन से जम्मू भागने तक—हर एक फुटेज में आरोपियों के हाथ में सिल्वर रंग का एक सूटकेस लगातार दिखाई दे रहा था। इसी सूटकेस ने पुलिस को उनकी गतिविधियों और सटीक लोकेशन को ट्रैक करने में मदद की।

चंडीगढ़ लाते समय भागने की कोशिश, पुलिस एनकाउंटर में पैर में लगी गोली

चंडीगढ़ पुलिस ने जम्मू पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त छापेमारी में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद मुख्य शूटरों आर्यन और सन्नी का ट्रांजिट रिमांड हासिल कर उन्हें चंडीगढ़ लाया जा रहा था। तभी धनास के पास क्राइम ब्रांच की गाड़ी अचानक हादसे का शिकार हो गई।

इस स्थिति का फायदा उठाकर दोनों शूटरों ने पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों शूटरों के पैर में गोली लग गई। घायल आरोपियों को तुरंत पीजीआई (PGI) और बाद में सेक्टर-16 के अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले का तीसरा आरोपी अमित फिलहाल 7 दिन के रिमांड पर जम्मू पुलिस की कस्टडी में है।

क्या थी पूरी वारदात?

यह खौफनाक वारदात बीती 13 जून को हुई थी। पुलिस के मुताबिक, कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के इशारे पर दो शूटर सेक्टर-11 की मार्केट पहुंचे थे। काफी देर तक रेकी करने के बाद दोनों चेहरे पर मास्क लगाकर ‘श्री कुमार केमिस्ट’ की दुकान के भीतर घुसे।

शूटरों ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कैशियर जानकी दास पर महज 2 सेकंड के भीतर 13 राउंड फायरिंग कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर बाहर बाइक चालू कर इंतजार कर रहे अपने तीसरे साथी के साथ मौके से फरार हो गए थे। पुलिस को इन तक पहुंचने में 5 दिन का समय लगा, लेकिन सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों की बदौलत आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।

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