मुंबई: टीवी शो ‘भाबीजी घर पर हैं!’ फेम एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में आ गई हैं। हाल ही में एक पुराना विवादित खुलासा करने के बाद, अब उन्होंने फेमिनिज्म (नारीवाद) और महिलाओं की लाइफस्टाइल पर खुलकर बात की है। ‘आईएएनएस’ (IANS) को दिए एक इंटरव्यू में शिल्पा ने साफ कहा कि आधुनिकता या निडरता के नाम पर स्मोकिंग करने या छोटे कपड़े पहनने से कोई महिला एम्पावर (सशक्त) नहीं होती। इस मामले में उन्होंने खुद को ‘रूढ़िवादी’ स्वीकार किया है।
लड़कियों का स्मोकिंग और ड्रिंकिंग करना पसंद नहीं
शिल्पा शिंदे ने इंटरव्यू में अपनी निजी राय साझा करते हुए कहा, “सच कहूं तो, मैं थोड़ी रूढ़िवादी हूं। मुझे महिलाओं और लड़कियों का स्मोकिंग करना बिल्कुल पसंद नहीं है। आजकल इसे ‘मॉडर्न’ होने का नाम दिया जाता है, लेकिन यह मेरी निजी राय है कि मैं इसे सही नहीं मानती।”
कपड़े और शराब पीना बोल्डनेस का पैमाना नहीं
एक्ट्रेस ने बोल्डनेस की परिभाषा पर बात करते हुए कहा कि किसी खास तरह के कपड़े पहनना या शराब पीना बहादुरी नहीं है। उन्होंने कहा, “बोल्डनेस एक अलग चीज है। सिर्फ इसलिए कि कोई सिगरेट-शराब पीता है या कुछ खास किस्म के कपड़े पहनता है, इसका मतलब यह नहीं कि वह बोल्ड या सशक्त हो गया।”
शिल्पा ने आगे कहा कि कपड़े और सोच दो बिल्कुल अलग चीजें हैं। कोई महिला चाहे साड़ी पहने या मॉडर्न कपड़े, उसके कपड़े उसकी सोच तय नहीं करते। एक महिला को खुद को, अपनी वैल्यूज (मूल्यों) और अपनी पहचान को जानना चाहिए, असली सशक्तिकरण वही है।
हालिया विवाद: फर्जी केस की बात कबूल कर फंसी थीं शिल्पा
शिल्पा शिंदे पिछले कुछ हफ्तों से लगातार विवादों में हैं। उन्होंने भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में यह कबूल किया था कि 10 साल पहले उन्होंने ‘भाबीजी घर पर हैं!’ के प्रोड्यूसर संजय कोहली पर यौन उत्पीड़न का फर्जी केस दर्ज कराया था और उनके आरोप झूठे थे। इस खुलासे के बाद इंडस्ट्री के कई सेलेब्स ने उनकी कड़ी आलोचना की थी। यहाँ तक कि ‘ऑल इंडियन सिने वर्कर्स असोसिएशन’ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की थी।