IPS की नौकरी छोड़ हाथों में थामा झाड़ू: 88 वर्षीय इंदरजीत सिंह सिद्धू को मिला पद्मश्री, PM मोदी भी हुए मुरीद

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चंडीगढ़: कभी पुलिस की वर्दी पहनकर कानून-व्यवस्था संभालने वाले 88 वर्षीय पूर्व IPS अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू आज पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। समाज सेवा और स्वच्छता के प्रति उनके बेमिसाल जज्बे को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान (अनाम नायकों की श्रेणी) से नवाजा है। उनकी इस लगन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कायल हो गए हैं।

PM मोदी ने कहा- “इन्होंने पूरा चंडीगढ़ साफ कर दिया”

पद्मश्री सम्मान समारोह के दौरान एक बेहद भावुक और यादगार पल देखने को मिला। पूर्व आईपीएस अधिकारी के बेटे अमोलदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि समारोह के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री आमने-सामने थे, तब पीएम मोदी ने सिद्धू जी की तरफ इशारा करते हुए गर्व से कहा:

“देखो, इन्होंने पूरा चंडीगढ़ साफ कर दिया।”

इस पर बेहद सादगी और विनम्रता से जवाब देते हुए पूर्व आईपीएस सिद्धू ने कहा, “सफाई तो आप लोग कर रहे हैं, मेरा तो इसमें बस थोड़ा-सा योगदान है।” प्रधानमंत्री ने उनके इस सेवा भाव की खुलकर सराहना की और उनसे विशेष बातचीत भी की।

रिटायर्ड लाइफ को बनाया ‘मिशन स्वच्छता’

वर्ष 1996 में आईपीएस के पद से सेवानिवृत्त (Retire) होने के बाद इंदरजीत सिंह सिद्धू ने आराम की जिंदगी चुनने के बजाय समाज को सुधारने की राह चुनी।

  • रोज सुबह का नियम: वह पिछले कई सालों से रोज सुबह 6 बजे झाड़ू और साइकिल-रेहड़ी लेकर निकल पड़ते हैं और सेक्टर-49 की सड़कों, पार्कों और नालियों की खुद सफाई करते हैं।

  • चोट भी नहीं रोक सकी हौसला: हाल ही में एक सड़क हादसे में उनके पैर में गंभीर चोट लग गई थी। लेकिन इस उम्र में भी उनका हौसला नहीं डिगा; वह लाठी के सहारे खड़े होकर भी अपने सफाई अभियान में जुटे रहे।

“दादा मेरे हीरो हैं” — अमेरिका से दौड़ी चली आई पोती

इंदरजीत सिंह सिद्धू की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का गवाह बनने के लिए उनका पूरा परिवार बेहद उत्साहित था। अमेरिका में लॉ (कानून) की पढ़ाई कर रही उनकी पोती सुखम कौर सिद्धू ने अपने दादा को यह सम्मान लेते देखने के लिए अपनी पहले की टिकट रद्द करवाई और तुरंत भारत लौट आईं।

सुखम ने गर्व से कहा, “दादा जी मेरे असली हीरो हैं। उन्हें देखकर मुझे भी समाज के लिए कुछ खास करने की प्रेरणा मिलती है।” उनके साथ ही सिद्धू जी की नातिन डॉ. सरगम बराड़ और दामाद गुरप्रीत सिंह बराड़ भी इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनने राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे।

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