करनाल: यदि आप राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) से गुजरने वाले हैं, तो अब आपको एक बिल्कुल नया और हाईटेक नजारा देखने को मिलेगा, जो अब तक सिर्फ विदेशों या देश के चुनिंदा एक्सप्रेसवे पर ही दिखाई देता था। हरियाणा के करनाल स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा पर मंगलवार से ‘मल्टी लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) प्रणाली को पूरी तरह लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही यह हरियाणा का पहला बैरियर-मुक्त टोल प्लाजा बन गया है, जहाँ न तो कोई बैरियर होगा और न ही वाहनों को टोल टैक्स देने के लिए रुकना पड़ेगा।
कैसे काम करेगा यह हाईटेक सिस्टम?
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस नई तकनीक को सुचारू रूप से चलाने के लिए सड़क के ऊपर विशेष गैंट्री (लोहे के बड़े ढांचे) स्थापित किए हैं। इन पर कई अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं:
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एएनपीआर (ANPR) कैमरे: एडवांस ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे जो रफ्तार में भी नंबर प्लेट पढ़ लेते हैं।
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आरएफआईडी (RFID) रीडर: फास्टैग को दूर से ही स्कैन करने वाले सेंसर।
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लाइडार (LiDAR) सेंसर और एक्सल डिटेक्टर: वाहन के आकार और वजन की सटीक गणना करने वाली तकनीक।
जैसे ही कोई वाहन सामान्य रफ्तार से इस टोल क्षेत्र से गुजरेगा, ये उपकरण उसकी नंबर प्लेट और फास्टैग की जानकारी को स्वतः दर्ज कर लेंगे और निर्धारित टोल राशि सीधे खाते से कट जाएगी।
वीआईपी और स्थानीय छूट के नियम बदले
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर पहचान पत्र दिखाकर मिलने वाली मैनुअल छूट पूरी तरह बंद हो जाएगी। अब केवल चुनिंदा श्रेणियों को ही नियमों के तहत छूट मिलेगी:
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आपातकालीन सेवाएं: एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, रक्षा सेवाओं और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित वाहनों को ही छूट के दायरे में रखा गया है।
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वीआईपी मूवमेंट: मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को भी निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार केवल सीमित और अधिकृत वाहनों पर ही छूट का लाभ मिलेगा।
नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वालों पर सख्त नजर
इस हाईटेक सिस्टम के आने से टोल चोरी और धोखाधड़ी करने वालों पर निगरानी बेहद सख्त हो जाएगी। यदि कोई वाहन चालक टोल से बचने के लिए नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करता है, नकली नंबर प्लेट लगाता है या बिना नंबर प्लेट के गुजरने की कोशिश करता है, तो कैमरे उसकी पूरी गतिविधि और चेहरे को रिकॉर्ड कर लेंगे। इसके तुरंत बाद आरटीओ (RTO) और स्थानीय पुलिस द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जाम और प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति
NHAI के अधिकारियों का दावा है कि इस बैरियर-फ्री व्यवस्था से टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। इससे यात्रियों का कीमती समय बचेगा, ईंधन की बर्बादी रुकेगी और वाहनों के खड़े रहकर धुआं छोड़ने से होने वाले प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी। यदि बसताड़ा टोल प्लाजा पर यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी इसी तकनीक को लागू किया जाएगा।