चंडीगढ़: पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने पूरी तैयारी कर ली है। आज से राज्य के 24,453 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाने की मुहिम शुरू कर रहे हैं। हालांकि, इस अभियान को लेकर जनता और विदेशों में रह रहे पंजाबियों के बीच कई तरह के भ्रम और वोट कटने की आशंकाएं हैं।
राज्य में अब तक 86.02 प्रतिशत प्री-मैपिंग का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन करीब 30 लाख मतदाता अभी भी इस प्रक्रिया से अछूते हैं। इन छूटे हुए मतदाताओं के भविष्य और पूरी प्रक्रिया को लेकर पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने स्थिति साफ की है। प्रमुख सवाल और उनके जवाब नीचे दिए गए हैं:
1. छूटे हुए मतदाताओं का क्या होगा? क्या वोट कट जाएगा?
जवाब: यह बिल्कुल गलत धारणा है। जिन मतदाताओं की प्री-मैपिंग नहीं हो पाई है, उनका वोट सीधे नहीं कटेगा। दावे और आपत्तियों के चरण के दौरान ईआरओ (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अफसर) द्वारा ऐसे नागरिकों को नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे जाएंगे, ताकि वे पंजाब के निवासी होने की पुष्टि कर सकें। हमारा लक्ष्य 24 जुलाई तक मैपिंग का प्रतिशत और बढ़ाना है। किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।
2. पहचान की तस्दीक के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
जवाब: अनमैप्ड मतदाताओं के लिए कुल 12 प्रकार के दस्तावेज मान्य किए गए हैं, जिनकी सूची बीएलओ के पास उपलब्ध होगी। इनमें प्रमुख हैं:
-
पासपोर्ट
-
जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) या स्कूल सर्टिफिकेट
-
एसटी/एससी प्रमाण पत्र
-
पेंशन प्रमाण पत्र, सरकारी पट्टा नामा या सरकारी आवास अलॉटमेंट लेटर
-
विशेष छूट: यदि इनमें से कोई भी दस्तावेज न हो, तो ईआरओ (ERO) अपने स्तर पर किसी अन्य वैध पहचान पत्र के आधार पर भी मतदाता की तस्दीक कर नाम फाइनल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।
3. एनआरआई (NRI) और विदेश में पढ़ रहे छात्रों के लिए क्या नियम हैं?
जवाब: ऐसे नागरिक या बालिग छात्र जो विदेश में हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक भारत की नागरिकता नहीं छोड़ी है, वे भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन ही अपना एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर सबमिट कर सकते हैं। बाद में बीएलओ इसकी जमीनी तस्दीक करेंगे और सही पाए जाने पर उनका वोट सुरक्षित रहेगा।
4. किस परिस्थिति में विदेश में रहने वालों का वोट कटेगा?
जवाब: एन्यूमरेशन फॉर्म में मतदाता को स्पष्ट घोषणा करनी होगी कि उसने किसी अन्य देश की नागरिकता या पासपोर्ट नहीं लिया है। यदि किसी व्यक्ति ने अपना भारतीय पासपोर्ट सरेंडर कर दूसरे देश की नागरिकता ले ली है, तो नियमानुसार वह भारत का नागरिक नहीं रहेगा और उसका वोट काट दिया जाएगा। जिनके पास भारतीय पासपोर्ट है, उनका वोट सुरक्षित है।
5. यदि बीएलओ के दौरे के समय लोग घर पर न मिलें तो?
जवाब: इसके लिए त्रि-स्तरीय (3-Times) प्रयास की व्यवस्था की गई है:
-
बीएलओ हर घर में तीन बार दस्तक देगा।
-
यदि पहली बार में कोई घर पर नहीं मिलता, तो दरवाजे के नीचे से फॉर्म सरका दिया जाएगा और घर के बाहर एक विशेष स्टीकर लगाया जाएगा, जिस पर अगली विजिट की तारीख लिखी होगी।
-
घर के किसी सदस्य या रिश्तेदार द्वारा भरा और हस्ताक्षरित किया गया फॉर्म भी मान्य होगा, बशर्ते उन्हें मतदाता के साथ अपना रिश्ता लिखना होगा।
6. बूथ लेवल एजेंट (BLA) की इस अभियान में क्या भूमिका है?
जवाब: राजनीतिक दलों द्वारा कुल 64,640 बीएलए तैनात किए जा चुके हैं, जो बीएलओ के साथ मिलकर काम करेंगे। इस प्रक्रिया के दौरान हर बूथ की एएसडीडी (ASDD – Absent, Shifted, Dead, Duplicate) लिस्ट तैयार की जाएगी। इस सूची में अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृत या दोहरे वोट वाले लोगों के नाम होंगे। इस लिस्ट के हर पन्ने पर बीएलए के हस्ताक्षर लिए जाएंगे और पूरी तस्दीक के बाद ही ऐसे नाम हटाए जाएंगे। सभी बीएलओ और बीएलए को इसके लिए विशेष ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
7. राजनीतिक दलों ने क्या सुझाव और सहयोग दिए हैं?
जवाब: राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बैठकें हुई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे प्री-मैपिंग से छूटे हुए मतदाताओं को जोड़ने और बूथ स्तर पर बीएलओ के साथ बेहतर तालमेल बनाने में पूरा सहयोग करेंगे। सभी दलों के साथ बूथ-वार सूचियां साझा की जा रही हैं ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
क्या आप इस इंटरव्यू के मुख्य बिंदुओं को किसी समाचार बुलेटिन की हेडलाइंस या सोशल मीडिया इन्फोग्राफिक के रूप में संक्षिप्त करना चाहते हैं?