यमुनानगर/चंडीगढ़: यमुनानगर के बहुचर्चित ‘खेड़ी लक्खा सिंह तिहरे हत्याकांड’ से जुड़े मामले में तत्कालीन जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तक विशाल छिब्बर की गिरफ्तारी पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।
अदालत की कार्यवाही और दलीलें
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विकास बहल की एकल पीठ में हुई। कोर्ट रूम में दोनों पक्षों की ओर से निम्नलिखित बातें सामने रखी गईं:
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सरकार का पक्ष: सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता आकाश सिंगला ने कोर्ट में इस मामले से संबंधित विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश की, जिसे अदालत ने अपने रिकॉर्ड में शामिल कर लिया।
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बचाव पक्ष (याचिकाकर्ता) की दलील: विशाल छिब्बर के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल ने पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग किया है और उन्हें कभी गिरफ्तार नहीं किया गया।
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चार्जशीट का हवाला: बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि इस मामले में 5 जून को पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। जब जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट कोर्ट में है, तो अब याचिकाकर्ता को गिरफ्तार करने की कोई कानूनी आवश्यकता या औचित्य नहीं रह जाता।
हाईकोर्ट का फैसला और अगली तारीख
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति विकास बहल की पीठ ने विशाल छिब्बर को अंतरिम राहत देने का फैसला सुनाया:
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गिरफ्तारी पर रोक: अगली अदालती कार्रवाई तक पुलिस याचिकाकर्ता को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी।
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अगली सुनवाई: इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को तय की गई है, जिसमें कोर्ट आगे का फैसला लेगा।