नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में बुधवार को फुटबॉल इतिहास का सबसे अविश्वसनीय और सांसें रोक देने वाला मैच देखा गया। एक समय टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर खड़ी बेल्जियम की टीम ने गजब का जज्बा दिखाया। दो गोल से पिछड़ने के बाद बेल्जियम ने आखिरी मिनटों में पासा पलटते हुए सेनेगल को 3-2 से मात दी और शान से राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली।
लुकाकु ने जगाई उम्मीद, टिलेमैन्स ने 125वें मिनट में दागा ऐतिहासिक गोल
बेल्जियम की इस ऐतिहासिक वापसी की शुरुआत सब्सटिट्यूट के तौर पर मैदान में उतरे अनुभवी स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकु ने की। इसके बाद यूरी टिलेमैन्स ने एक्स्ट्रा टाइम के आखिरी पलों में वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे देर से होने वाला गोल दागकर अपनी टीम को करिश्माई जीत दिला दी।
एक अनोखा रिकॉर्ड: फीफा वर्ल्ड कप के पिछले 11 सीजन के नॉकआउट इतिहास में यह सिर्फ दूसरा मौका है, जब कोई टीम 2 या उससे अधिक गोल से पिछड़ने के बाद मैच जीती हो। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले 2018 वर्ल्ड कप में जापान के खिलाफ भी यह कारनामा बेल्जियम ने ही किया था।
शुरुआती 80 मिनट तक सेनेगल का था दबदबा
मैच के शुरुआती हिस्से में सेनेगल की टीम पूरी तरह हावी नजर आ रही थी:
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25वां मिनट: हबीब दियारा ने शानदार गोल कर सेनेगल को 1-0 की बढ़त दिलाई।
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51वां मिनट: इस्माइला सार ने मूसर नियाकाते के लंबे पास को बेहतरीन ढंग से कंट्रोल किया और बेल्जियम के दिग्गज गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ को छकाते हुए स्कोर 2-0 कर दिया। यह इस टूर्नामेंट के सबसे खूबसूरत गोल में से एक था। इसके बाद कोर्टुआ ने कुछ बेहतरीन बचाव कर बेल्जियम को मैच से पूरी तरह बाहर होने से बचाए रखा।
आखिरी 4 मिनट का रोमांच और टिलेमैन्स का ‘रॉकेट’ शॉट
जब बेल्जियम की विदाई तय लग रही थी, तब मैदान पर असली ड्रामा शुरू हुआ:
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86वां मिनट: बेल्जियम के ऑल-टाइम लीडिंग स्कोरर रोमेलु लुकाकु ने गोल दागकर स्कोर 2-1 किया और टीम की उम्मीदें जिंदा कीं।
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89वां मिनट: ठीक तीन मिनट बाद, यूरी टिलेमैन्स ने एक जोरदार रॉकेट शॉट जमाकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया और मैच को एक्स्ट्रा टाइम में खींच दिया।
VAR का फैसला और वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे लेट गोल
एक्स्ट्रा टाइम का खेल खत्म होने की कगार पर था और दोनों टीमें पेनल्टी शूटआउट की तैयारी कर रही थीं। तभी सेनेगल के बॉक्स के अंदर टिलेमैन्स को गिरा दिया गया। VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) रिव्यू के बाद रेफरी ने बेल्जियम को पेनल्टी दे दी।
टिलेमैन्स ने बिना कोई गलती किए एक्स्ट्रा टाइम के स्टॉपेज-टाइम के 5वें मिनट (125वें मिनट) में इस पेनल्टी को गोल में बदल दिया। यह फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे देर से किया गया गोल बन गया है, जिसने बेल्जियम को एक यादगार जीत दिला दी।