विश्व कप जीत के बाद मिस्र के कोच ने फिलिस्तीन को समर्पित की ऐतिहासिक जीत
ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में हराकर पहली बार नॉकआउट मुकाबला जीता, गाजा में भी जश्न का माहौल।
स्पोर्ट्स डेस्क।फीफा विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद मिस्र के मुख्य कोच होसम हसन ने यह जीत फिलिस्तीनी लोगों को समर्पित की। उन्होंने कहा कि यह जीत मिस्र के साथ-साथ फिलिस्तीन के लोगों के नाम है और उन्होंने फिलिस्तीन के लोगों के लिए शांति और सफलता की कामना की।
मिस्र ने राउंड ऑफ-32 मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में अपनी पहली जीत दर्ज की। निर्धारित समय और अतिरिक्त समय तक मुकाबला 1-1 से बराबरी पर रहा, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में मिस्र ने जीत हासिल की।
मैच के बाद होसम हसन मिस्र और फिलिस्तीन के झंडे लेकर मैदान पर पहुंचे। पूरी टीम ने जीत का जश्न मनाते हुए मैदान पर सजदा भी किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि वह यह जीत मिस्र और फिलिस्तीन के लोगों को समर्पित करते हैं।
इस जीत के बाद गाजा में भी लोगों ने खुशी मनाई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में युद्ध से प्रभावित इलाकों में लोग खुले स्थानों और अस्थायी शिविरों में बड़ी स्क्रीन पर मैच देखते नजर आए। कई बच्चों ने अपने चेहरों पर मिस्र का झंडा बनाया हुआ था और जीत के बाद लोगों ने खुशी जाहिर की।
मैच में मिस्र के लिए इमाम आशौर ने 13वें मिनट में पहला गोल किया, जबकि दूसरे हाफ में मोहम्मद हानी के आत्मघाती गोल से ऑस्ट्रेलिया ने बराबरी कर ली। पेनल्टी शूटआउट में मिस्र ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
हालांकि मैच से पहले टीम होटल के बाहर मिस्र टीम के अधिकारियों और डलास पुलिस के बीच एक छोटी कहासुनी भी हुई थी। मिस्र फुटबॉल टीम के अनुसार, टीम निदेशक इब्राहिम हसन और खिलाड़ी त्रेजेगे एक प्रशंसक के साथ फोटो खिंचवा रहे थे, तभी एक पुलिस अधिकारी से विवाद हो गया। बाद में डलास पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि मामला मौके पर ही सुलझा लिया गया था।





