चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से एक अहम मुलाकात की। आधिकारिक तौर पर इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पंजाब के पावर सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना था। दोनों नेताओं के बीच राज्य की बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) की वित्तीय स्थिति सुधारने और धान के सीजन में किसानों को निर्बाध बिजली सप्लाई देने पर सकारात्मक बातचीत हुई।
धान की रोपाई और किसानों की बिजली मांग
पंजाब में धान की रोपाई के दौरान कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाती है। ऐसे में किसानों को बिना रुकावट बिजली देना राज्य सरकार के लिए एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती और संवेदनशील मुद्दा है कि बैठक में सीजन के दौरान पंजाब को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। राज्य की बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति को दुरुस्त करने के उपायों पर भी मंथन हुआ, जिसका सीधा असर पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
एजेंडा बिजली का, लेकिन सियासी गलियारों में सुगबुगाहट
भले ही इस बैठक का घोषित एजेंडा बिजली क्षेत्र का समन्वय था, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसके अलग मायने निकाल रहे हैं।
पंजाब में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच भगवंत मान और मनोहर लाल जैसी दो प्रमुख हस्तियों की यह मुलाकात स्वाभाविक रूप से सियासी चर्चाओं को जन्म दे रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर किसी राजनीतिक मुद्दे पर बात होने की पुष्टि नहीं की गई है।
सुखबीर बादल की मुलाकातों के बाद नया एंगल
हाल ही में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई थी। इसके तुरंत बाद भगवंत मान और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की इस बैठक ने पंजाब की राजनीति को एक नया एंगल दे दिया है।
आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, बीजेपी और अकाली दल के बीच जारी कड़े मुकाबले के बीच नेताओं की ये प्रशासनिक और व्यक्तिगत मुलाकातें भविष्य के राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा कर रही हैं।


