चंडीगढ़: NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले हरियाणा सरकार और पुलिस पूरी तरह सख्त मोड में आ गई है। प्रदर्शन को रोकने के लिए रेवाड़ी और करनाल समेत राज्य के कई जिलों में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद या पुलिस निगरानी में रख दिया गया है। कांग्रेस ने पुलिस की इस एहतियाती कार्रवाई को “लोकतंत्र की हत्या” करार देते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया है।
रेवाड़ी: जिला अध्यक्षों के घरों के बाहर पुलिस का पहरा
रेवाड़ी में पुलिस ने मंगलवार सुबह से ही कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष सुभाष छावड़ी और शहरी जिला अध्यक्ष प्रवीण चौधरी के आवासों पर पहरा लगा दिया।
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नेताओं का आरोप: प्रवीण चौधरी ने बताया कि सिटी थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। वहीं सुभाष छावड़ी ने आरोप लगाया कि उन्हें दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस निगरानी में रखा गया है।
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दिग्गजों पर भी नज़र: हरियाणा के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव की गतिविधियों पर भी पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। वह रेवाड़ी से गुरुग्राम के लिए रवाना हुए हैं, जबकि पूर्व विधायक चिरंजीव राव भी गुरुग्राम में मौजूद हैं।
करनाल: पराग गाबा नजरबंद, कहा— ‘यह लोकतंत्र का दमन’
करनाल में भी पुलिस की ऐसी ही कार्रवाई देखने को मिली, जहाँ सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम ने कांग्रेस के शहरी अध्यक्ष पराग गाबा के मॉल रोड स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें घर में ही रोक दिया।
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विपक्ष की प्रतिक्रिया: पराग गाबा ने सरकार की इस कार्रवाई पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज से डर गई है। उन्होंने बताया कि करनाल में बुधवार और गुरुवार को कांग्रेस का “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी भाग ले सकते हैं।
पूरे प्रदेश में अलर्ट पर हरियाणा पुलिस
दिल्ली में होने वाले कांग्रेस के बड़े विरोध-प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए हरियाणा पुलिस पूरे प्रदेश में सतर्क है और प्रमुख कांग्रेसी नेताओं की हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रख रही है।


