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Proud Moment: हरियाणा के लाल ने ब्रिटेन में रचा इतिहास, बने सबसे युवा भारतीय मूल के मेयर; मां भी चुनी गईं मेयर

चंडीगढ़ : हरियाणा के एक परिवार ने सात समंदर पार ब्रिटेन (UK) की राजनीति में एक अनोखा और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। मूल रूप से हरियाणा के रोहतक के रहने वाले 23 वर्षीय तुषार कुमार और उनकी मां परवीन रानी ब्रिटेन में मेयर चुने गए हैं। इस गौरवशाली उपलब्धि के साथ ही तुषार ने ब्रिटेन में सबसे कम उम्र के भारतीय मूल के मेयर बनने का इतिहास रच दिया है।

मां-बेटे की जोड़ी ने एक हफ्ते में किया कमाल

इस प्रवासी भारतीय परिवार के लिए मई का महीना दोहरी खुशियां लेकर आया है:

  • बेटे तुषार कुमार: महज 23 साल की उम्र में एल्स्ट्री और बोरेहमवुड टाउन काउंसिल के अब तक के सबसे युवा मेयर बने हैं। तुषार के पिता सुनील दहिया ने बताया कि तुषार को 13 मई को मेयर चुना गया।

  • मां परवीन रानी: बेटे की इस ऐतिहासिक जीत के ठीक एक हफ्ते बाद यानी 20 मई को परवीन रानी हर्ट्समेयर बरो काउंसिल की मेयर चुनी गईं। वह इस काउंसिल की पहली भारतीय मूल की महिला मेयर बनी हैं।

सोनीपत से रोहतक और फिर ब्रिटेन तक का सफर

इस परिवार का पैतृक गांव हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा का रोहना है। हालांकि, ब्रिटेन जाने से पहले यह परिवार लंबे समय तक रोहतक में रह रहा था।

तुषार के पिता सुनील दहिया, जो ब्रिटेन में एक व्यवसायी (बिजनेसमैन) हैं, ने भावुक होते हुए बताया:

“जब मैं साल 2013 में अपनी पत्नी परवीन और दो बच्चों के साथ ब्रिटेन आया था, तो हमारे मन में भविष्य को लेकर कोई खास बड़ी योजना नहीं थी। उस वक्त तुषार की उम्र महज 10 साल थी। हमने शून्य से शुरुआत की और आज बच्चों ने देश का नाम रोशन किया है।”

ब्रिटेन में मुफ्त में सिखाते हैं ‘हिंदी’

विदेश में रहने के बावजूद यह परिवार अपनी मिट्टी और संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। सुनील दहिया ने बताया कि तुषार और उनकी मां परवीन, ब्रिटेन में जन्मे और पले-बढ़े लोगों को मुफ्त में ‘हिंदी’ भाषा सिखाते हैं। तुषार इसके लिए ‘हिंदी शिक्षा परिषद’ नामक एक चैरिटेबल संस्था (धर्मार्थ संस्था) से भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

2023 में रखा था राजनीति में कदम: राजनीति में इस मां-बेटे की जोड़ी का सफर बहुत पुराना नहीं है। दोनों ने पहली बार साल 2023 में स्थानीय चुनाव लड़ा था और भारी मतों से पार्षद (कौंसलर) चुने गए थे। इसके बाद उनकी लोकप्रियता और काम को देखते हुए अब उन्हें मेयर पद की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी इस कामयाबी पर हरियाणा सहित पूरे देश में खुशी की लहर है।

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