नई दिल्ली। पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें राज्य में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्देश दिया गया था। हाई कोर्ट ने सीबीआई को मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा था।
मंगलवार को पंजाब सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किए जाने की जानकारी आम आदमी पार्टी की ओर से दी गई। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें ईडी की ओर से पंजाब पुलिस को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर कथित भ्रष्टाचार के मामले की स्वतंत्र जांच के लिए सीबीआई को जिम्मेदारी दी गई थी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वकील निखिल सराफ की ओर से दाखिल जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कुछ लोगों पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। याचिका में ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी नीतियों और टेंडर से जुड़े कथित लेनदेन का भी जिक्र किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के डीजीपी को कई पत्र भेजकर जांच से संबंधित सामग्री साझा की थी। हाई कोर्ट के सामने पेश किए गए रिकॉर्ड के मुताबिक, ईडी ने कथित तौर पर ट्रांसफर और पोस्टिंग में हस्तक्षेप समेत कई मामलों और व्हाट्सऐप चैट का हवाला दिया था।
हाई कोर्ट ने क्यों CBI को सौंपी जांच?
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ ने कहा कि ईडी की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों की ओर इशारा करती है और मामले में निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की जरूरत है। अदालत ने पंजाब पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर भी असंतोष जताया और सीबीआई को तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया। अदालत ने जांच के परिणाम से संबंधित रिपोर्ट दो महीने में पेश करने को कहा।
पंजाब सरकार ने क्या कहा?
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही थी। सरकार की ओर से यह भी तर्क दिया गया है कि पंजाब में सीबीआई जांच के लिए सामान्य सहमति पहले ही वापस ली जा चुकी है। यह सहमति नवंबर 2020 में तत्कालीन पंजाब सरकार ने वापस ली थी। अब इस मामले की अगली अहम कड़ी सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई होगी। वहीं, विपक्षी दलों ने हाई कोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा है और मामले में जवाबदेही की मांग की है।


