अमृतसर। पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के दो विधायकों के इस्तीफे की खबर के अगले ही दिन अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी पंजाब विधानसभा की सदस्यता छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर को भेज दिया है।
अपने इस्तीफे में कुंवर विजय प्रताप सिंह ने लिखा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि राजनीति से ‘माई-बाप कल्चर’ को खत्म करना रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा जनता को अपना प्रेरणा स्रोत मानकर काम किया है।
विधायक बनने के बाद से ही पार्टी से शुरू हुए थे मतभेद
कुंवर विजय प्रताप सिंह और आम आदमी पार्टी के बीच मतभेद वर्ष 2022 में उनके विधायक बनने के बाद ही सामने आने लगे थे। वह बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड के मामलों में न्याय की मांग लगातार उठाते रहे। इस दौरान उन्होंने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए थे।
पहले भी छोड़ चुके हैं सरकारी कमेटी का पद
पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेदों के चलते कुंवर विजय प्रताप सिंह ने जनवरी 2023 में पंजाब विधानसभा की सरकारी आश्वासन कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद जून 2025 में आम आदमी पार्टी ने उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था।
पंजाब की सियासत में बढ़ी हलचल
अब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद पंजाब की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक के बाद एक विधायकों के पार्टी छोड़ने की खबरों से आम आदमी पार्टी के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी होती दिखाई दे रही है। हालांकि, कुंवर विजय प्रताप सिंह के अगले राजनीतिक कदम को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।


