अमृतसर: अजनाला के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल के प्रयासों से लंबे समय से अटके सकी नाले (Saki Nallah) की सफाई का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। भारतीय सेना ने नाले के आखिरी हिस्से में जमा गाद निकालने (डीसिल्टिंग) के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया है।
5 किलोमीटर हिस्से में जमा थी गाद
लोधी गुज्जर गांव से रावी नदी तक सकी नाले का लगभग 5 किलोमीटर का हिस्सा भारतीय सेना के नियंत्रण क्षेत्र में आता है। सेना से मंजूरी न मिलने की वजह से इस हिस्से की डीसिल्टिंग नहीं हो पा रही थी। लंबे समय से गाद और मिट्टी जमा होने के कारण नाले से पानी की निकासी बहुत धीमी हो गई थी, जिससे आसपास के इलाकों में जलभराव का खतरा बना रहता था।
सेना के अधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक बैठक
विधायक धालीवाल ने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों—ब्रिगेडियर एस.एस. छिल्लर (SM), ब्रिगेडियर सुखबीर सिंह (SM) और कमांडिंग ऑफिसर एंटनी रॉबिंस डी. के साथ एक सौहार्दपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जनहित के इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा के बाद सेना ने काम शुरू करने की अनुमति दे दी।
फसलों और घरों को नुकसान से बचाना प्राथमिकता
विधायक धालीवाल ने बताया कि जैसे ही नाले का जलस्तर कम होगा, बड़े पैमाने पर सफाई और डीसिल्टिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।
“इस सफाई से नाले में पानी का बहाव सुचारू होगा, जिससे बारिश के मौसम में किसानों की फसलों, गरीब मजदूरों और आम लोगों के घरों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा।” — कुलदीप सिंह धालीवाल (विधायक, अजनाला)
इस महत्वपूर्ण बैठक में जल संसाधन विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) महेश सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (XEN) अंकुश चौधरी और जूनियर इंजीनियर (JE) कमलप्रीत सिंह भी मौजूद रहे।


