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करनाल में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, DC डॉ. आनंद शर्मा ने समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश

करनाल: हरियाणा के करनाल जिले में जनगणना-2027 के दूसरे चरण को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। उपायुक्त (DC) डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना के पहले चरण के अंतर्गत ‘हाउस लिस्टिंग’ (मकानों की सूची बनाने) का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। अब दूसरे चरण में वास्तविक जनसंख्या की गणना का कार्य शुरू किया जाएगा।

मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को दूसरे चरण की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।

मैनपावर का सटीक आकलन और कर्मचारियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग

उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना जैसे बड़े और महत्वपूर्ण कार्य के लिए आवश्यक मैनपावर का पारदर्शी और सटीक आकलन तुरंत किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी इस कार्य में लगाई जानी है, उन्हें समय रहते डिजिटल/ऑनलाइन प्रशिक्षण (Online Training) प्रदान किया जाए ताकि फील्ड में काम के दौरान कोई तकनीकी या व्यावहारिक समस्या न आए।

निदेशक जनगणना संचालन ने दिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निर्देश

समीक्षा बैठक से पूर्व, हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक डॉ. ललित जैन ने एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया। इसमें प्रदेश भर के सभी उपायुक्तों और नगर निगम आयुक्तों को जनगणना-2027 के दूसरे चरण को समयबद्ध और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए।

30 अगस्त तक पूरी होगी ‘डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक’

उपायुक्त ने बताया कि ‘डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक’ (District Census Handbook) तैयार करने का काम 1 अगस्त से प्रारंभ हो चुका है, जिसे 30 अगस्त तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • गांव स्तर पर जिम्मेदारी: ग्रामीण इलाकों में यह जिम्मेदारी पटवारियों को सौंपी गई है, जिन्हें इसके लिए पहले ही विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

  • सख्त निगरानी: उपायुक्त ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे पटवारियों के काम की नियमित रूप से समीक्षा (Review) करें, जिससे दस्तावेज गुणवत्तापूर्ण और समय पर तैयार हो सके।

भविष्य की विकास योजनाओं का आधार बनेगा यह दस्तावेज

डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने जोर देकर कहा कि डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है। इसका उपयोग भविष्य में जिले के विकास, नई सरकारी योजनाओं के निर्माण, नीति-निर्धारण और प्रशासनिक फैसलों के लिए किया जाएगा। यह हैंडबुक ऑनलाइन भी उपलब्ध रहेगी, जिससे सभी विभागों को डेटा एक्सेस करने और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।

अंतर-विभागीय समन्वय और सुरक्षा के लिए पुलिस का सहयोग

उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी तालमेल और बेहतर समन्वय (Coordination) के साथ काम करने की सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड में काम कर रहे जनगणना कर्मियों को किसी भी प्रकार की असुविधा या बाधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर पुलिस प्रशासन का भी पूरा सहयोग लिया जाए।

बैठक में मौजूदगी: इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीटीएम (CTM) सुरेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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