चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा (Food Safety) को ध्यान में रखते हुए एक ऐतिहासिक और जनहितकारी पहल की शुरुआत की है। अब आम नागरिकों को अपने घर में इस्तेमाल होने वाले दूध, मिठाइयों, मसालों और खाद्य तेल में मिलावट की जांच कराने के लिए लैबोरेटरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार ने ‘मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब’ (Mobile Food Testing Lab) सेवा शुरू की है, जिसके जरिए लोग अपने घर या नजदीकी बाजार में ही खाद्य पदार्थों की जांच करा सकते हैं। खास बात यह है कि इस जांच के लिए प्रति नमूना (Sample) केवल 20 रुपये का सांकेतिक शुल्क देना होगा।
बाजारों और स्कूलों में मौके पर होगी खाद्य सामग्री की जांच
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य राज्य को मिलावटमुक्त बनाना और खाद्य सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि ये मोबाइल वैन/लैब सार्वजनिक स्थानों जैसे—बाजारों, स्कूलों, कॉलेजों, मेलों और विशेष अभियानों के दौरान मौके पर ही तैनात रहेंगी। आम लोग भी आसानी से इस वैन में जाकर अपनी दैनिक खाद्य सामग्री की गुणवत्ता परख सकते हैं।
त्योहारी सीजन में विशेष निगरानी: तीज और रक्षाबंधन पर पैनी नजर
आगामी त्योहारों (तीज और रक्षाबंधन) के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। मिठाइयों की बढ़ती मांग को देखते हुए बाजारों में बिकने वाले घेवर, फिरनी और अन्य पारंपरिक मिठाइयों की शुद्धता की विशेष जांच की जा रही है, ताकि लोगों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके।
122 नमूनों की जांच, 3 फेल
विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में 6 जुलाई से 2 अगस्त के बीच प्रदेश भर से कुल 122 खाद्य नमूने एकत्र किए गए हैं।
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अब तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 18 नमूनों की जांच पूरी हो चुकी है, जिनमें से 15 नमूने गुणवत्ता मानकों पर सही पाए गए।
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3 नमूने सब-स्टैंडर्ड (मानकों पर खरे नहीं) निकले हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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शेष बचे नमूनों की जांच प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
मिलावटखोरी पर कसेगा शिकंजा
सरकार का मानना है कि इतनी कम दर (मात्र ₹20) में मोबाइल लैब की सुविधा उपलब्ध होने से आम जनता में जागरूकता बढ़ेगी और मिलावटखोरों पर सीधा शिकंजा कसा जा सकेगा। यह कदम प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक भोजन सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।


