जालंधर: जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन स्थित ब्रिज वर्कशॉप में बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के सीनियर सैक्शन इंजीनियर (SSE) मिलिंद कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। चंडीगढ़ से आई सीबीआई की विशेष टीम ने इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह के नेतृत्व में इस छापेमारी को अंजाम दिया। टीम आरोपी इंजीनियर को गिरफ्तार कर अपने साथ चंडीगढ़ ले गई है और मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
50-60 लाख के काम के बदले मांगी थी 2% कमीशन
जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई रेलवे के एक पंजीकृत ठेकेदार की शिकायत पर की गई है। ठेकेदार ने आरोप लगाया था कि ब्रिज वर्कशॉप में मशीनरी से जुड़े 50 से 60 लाख रुपये के कार्यों का भुगतान अटका हुआ था। इस बकाया राशि को जारी करने के बदले सीनियर सैक्शन इंजीनियर (SSE) कुल रकम का 2 प्रतिशत रिश्वत मांग रहा था।
ठेकेदार का कहना है कि रिश्वत न देने पर उसे काम में देरी का बहाना बनाकर लगातार परेशान किया जा रहा था। इस समय उसका लगभग 28 लाख रुपये का भुगतान अटका हुआ था। तंग आकर ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से की, जिसके बाद जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया गया।
रेलवे और पुलिस अधिकारियों का बयान
मामले में मुख्य इंजीनियर अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार की शिकायत के बाद मशीनरी की खरीद से जुड़ी फाइलों की क्रॉस जांच के निर्देश जारी किए गए थे, जिसके बाद सीबीआई ने अपनी स्वतंत्र जांच के आधार पर यह कार्रवाई की है। वहीं, आरपीएफ (RPF) थाने के इंस्पेक्टर रविंदर कुमार ने सीबीआई रेड की पुष्टि करते हुए बताया कि कार्रवाई चंडीगढ़ सीबीआई टीम द्वारा की गई है और मामले से जुड़ी अन्य विस्तृत जानकारी सीबीआई के चंडीगढ़ कार्यालय से ही जारी की जाएगी।


