जालंधर। पंजाब के बरनाला में बीते दिनों सफ़ाई सेवकों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में 27 जुलाई को वाल्मीकि समाज द्वारा बुलाए गए पंजाब बंद को व्यापक समर्थन मिला था। हालांकि, इस बंद के बाद अब सोशल मीडिया पर 30 जुलाई को फिर से ‘पंजाब बंद’ की ख़बरें तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिससे आम जनता और व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बन गई थी।
दुकानें और बाज़ार खुलने को लेकर बने इस भ्रम पर अब वाल्मीकि समाज और ‘भगवान वाल्मीकि आश्रम शक्ति नगर’ के अध्यक्ष विपिन अग्रवाल समेत अन्य पदाधिकारियों ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
30 जुलाई को जालंधर बंद नहीं, अफवाहों से बचें
वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने साफ़ किया है कि 30 जुलाई को जालंधर या पंजाब बंद की कोई भी कॉल नहीं दी गई है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफ़वाहों पर ध्यान न दें। शहर के सभी बाज़ार, दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सामान्य कामकाज रोज़ाना की तरह खुले रहेंगे।
सफ़ाई कर्मचारियों की हड़ताल रहेगी जारी
भले ही बाज़ार सामान्य रूप से खुलेंगे, लेकिन नगर निगम के सफ़ाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी। पिछले करीब एक सप्ताह से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सफ़ाई कर्मचारी नगर निगम कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे।
हड़ताल के कारण शहर में घर-घर से कूड़ा उठाने और सफ़ाई व्यवस्था का काम प्रभावित रहेगा, जिससे आम जनता को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, प्रतिनिधियों का कहना है कि इस हड़ताल का शहर की व्यापारिक गतिविधियों या बाज़ारों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा।


