लुधियाना। पंजाब में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रविवार सुबह चार से सात बजे के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। अमृतसर में सबसे ज्यादा 40.1 मिलीमीटर और लुधियाना में 38.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बारिश के कारण मौसम सुहावना हुआ, लेकिन कई इलाकों में जलभराव और खराब सड़कों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
जालंधर में 15.8 मिलीमीटर, रूपनगर में 13.8 मिलीमीटर और एसबीएस नगर में 5.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा चंडीगढ़ में 2.6 मिलीमीटर, पटियाला में 3.4 मिलीमीटर और पठानकोट में 4.0 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। गुरदासपुर, होशियारपुर और फतेहगढ़ साहिब में भी हल्की बारिश हुई।
सोमवार और मंगलवार को भी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार और मंगलवार को पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, 19 अगस्त से मौसम में सुधार होने और बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
बारिश ने बढ़ाई जर्जर सड़क की परेशानी
राहों से जगीरपुर जाने वाली मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाल है। करीब डेढ़ से दो किलोमीटर लंबी इस सड़क पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं और कुछ हिस्से पूरी तरह टूट चुके हैं। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है।
वर्षा का पानी गड्ढों में भर जाने से उनकी गहराई का पता नहीं चलता। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के गिरकर घायल होने का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सीवरेज का ओवरफ्लो पानी भी कई बार सड़क पर जमा हो जाता है। इससे दुर्गंध फैलने के साथ बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
25 से 30 कॉलोनियों और गांवों के लोगों को परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली का असर सिर्फ राहगीरों तक सीमित नहीं है। आसपास रहने वाले लोग भी लंबे समय से समस्या झेल रहे हैं। यह मार्ग करीब 25 से 30 कॉलोनियों और आसपास के गांवों को मुख्य सड़क से जोड़ता है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण लोगों में रोष है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क की जल्द मरम्मत कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।


