चंडीगढ़: पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच सियासी घमासान और तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आपसी संपर्क तोड़ने के लिए सरकार ने न सिर्फ इंटरनेट शटडाउन किया, बल्कि अब ब्लूटूथ-आधारित संवाद तकनीक BitChat को भी रोकने की कोशिश की जा रही है।
1. ‘इंटरनेट बंद हुआ तो छात्रों ने Bluetooth से बनाया नेटवर्क’
सुरजेवाला के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का संवाद रोकने के लिए सरकार ने पहले इंटरनेट सेवाएं निलंबित कीं और सिग्नल जैमर लगाए। इसके जवाब में छात्रों ने BitChat ऐप का सहारा लिया।
क्या है BitChat? यह एक ब्लूटूथ-आधारित ‘मेश नेटवर्किंग ऐप’ है, जिससे बिना इंटरनेट के भी आसपास मौजूद मोबाइल फोन आपस में संदेश भेज सकते हैं।
2. ‘आधी रात को GitHub को नोटिस भेजने का दावा’
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि जब जैमर के बावजूद छात्रों का संपर्क नहीं टूटा, तो गृह मंत्रालय के तहत आने वाले I4C (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) ने आधी रात को कोड-होस्टिंग प्लेटफॉर्म GitHub को नोटिस जारी किया। इसमें BitChat के कोड को 3 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया। सरकार का तर्क कथित तौर पर यह था कि यह ऐप इंटरनेट शटडाउन के बावजूद लोगों को संवाद की सुविधा देता है।
3. ‘सरकार की घबराहट उजागर: जैक डॉर्सी का हवाला’
सुरजेवाला ने इसे डिजिटल सेंसरशिप करार देते हुए कहा:
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तंज: “सरकार पहले इंटरनेट से डरी, फिर जैमर लगाए और अब ब्लूटूथ तकनीक से भी डर रही है।”
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आरोप: Twitter (X) के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी के हवाले से दावा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के सवालों का जवाब देने के बजाय संचार के हर रास्ते को बंद करना चाहती है।
4. ‘माफिया पर कार्रवाई नहीं, छात्रों पर शिकंजा’
कांग्रेस नेता ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पेपर लीक माफिया खुले घूम रहे हैं, जबकि अपने हक की आवाज उठा रहे युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने में पूरी सरकारी मशीनरी लगा दी गई है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की आजादी और डिजिटल अधिकारों का हनन बताया।


