तलवंडी साबो: बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा पंजाब बंद के आह्वान का सिख धर्म के चौथे तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो में व्यापक असर देखने को मिला। बंद के दौरान शहर के बाजार पूरी तरह बंद रहे, जबकि सरकारी और निजी बसों का संचालन भी ठप रहा। हालांकि, मेडिकल स्टोर और दूध की कुछ दुकानों को खुला रखा गया।
बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर सिख जत्थेबंदियों ने तलवंडी साबो के खंडा वाला चौक में धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने चौक को पूरी तरह बंद कर वाहनों की आवाजाही रोक दी। केवल आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को गुजरने दिया गया, जबकि अन्य वाहनों को नाकों से वापस भेज दिया गया। इस दौरान लोग अपने निजी साधनों से ही जरूरी सफर करते नजर आए।
बंद को सफल बनाने के लिए सिख जत्थेबंदियों के कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से बंदी सिखों को जल्द रिहा करने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि बंद सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक रखा गया है और लोगों का भी इस बंद को समर्थन मिल रहा है।
इस बीच आम आदमी पार्टी के नेता भी बंद के समर्थन में सामने आए। आप नेताओं ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहले ही भाई जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने के लिए राज्यपाल को पत्र लिखकर पहल कर चुके हैं।
वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से जुड़े संस्थानों पर भी बंद का असर दिखाई दिया। शहर में सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह प्रभावित रहा और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
धरने के दौरान पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी रही, जबकि जत्थेबंदियों द्वारा लगाए गए नाकों पर वाहनों को रोका जाता रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।


