Entertainment News: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के प्रमुख तुकाराम मुंढे ने तीनों अभिनेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। करीब नौ पेज के इस नोटिस का जवाब 15 दिनों के भीतर देने को कहा गया है। साथ ही, तीनों कलाकारों से अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित विज्ञापन की सभी सामग्री हटाने के लिए भी कहा गया है।
इलायची के विज्ञापन पर क्यों उठे सवाल?
मामला एक इलायची के विज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ नजर आए हैं। FDA का आरोप है कि यह विज्ञापन वास्तव में इलायची का प्रचार करने के बजाय पान मसाला ब्रांड की पहचान को बढ़ावा देता है। विभाग के मुताबिक, विज्ञापन में जिस तरह ब्रांड का नाम, रंग, लोगो और प्रस्तुति का इस्तेमाल किया गया है, उससे उपभोक्ताओं के बीच पान मसाला ब्रांड की छवि मजबूत होती है।
FDA ने इसे सरोगेट विज्ञापन मानते हुए आपत्ति जताई है। भारत में प्रतिबंधित या नियंत्रित उत्पादों के सीधे प्रचार से बचने के लिए इस तरह की रणनीति अपनाए जाने को लेकर लंबे समय से विवाद होता रहा है।
क्या होता है सरोगेट विज्ञापन?
सरोगेट विज्ञापन ऐसी मार्केटिंग रणनीति है, जिसमें किसी प्रतिबंधित या सीधे विज्ञापित न किए जा सकने वाले उत्पाद के ब्रांड को किसी दूसरे वैध उत्पाद के जरिए प्रमोट किया जाता है। शराब, तंबाकू, गुटखा और पान मसाला जैसे उत्पादों के मामले में कंपनियां अक्सर इलायची, माउथ फ्रेशनर, सोडा या पैकेज्ड वॉटर जैसे उत्पादों के विज्ञापन के जरिए ब्रांड की पहचान बनाए रखने की कोशिश करती हैं।
FDA का कहना है कि संबंधित इलायची विज्ञापन में भी ब्रांडिंग और प्रस्तुति इस तरह की गई है कि दर्शकों को उस पान मसाला ब्रांड की याद आती है। विभाग ने विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए नाम को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा
यह कार्रवाई फिलहाल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहने वाली है। तुकाराम मुंढे ने नोटिस की एक प्रति भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) को भी भेजी है। इससे मामले में राष्ट्रीय स्तर पर भी कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
महाराष्ट्र में पान मसाला और तंबाकू से जुड़े उत्पादों की बिक्री, निर्माण, वितरण और विज्ञापन को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाता रहा है। FDA का तर्क है कि ऐसे विज्ञापन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह उत्पादों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा दे सकते हैं।
अक्षय कुमार भी रह चुके हैं विवादों में
इसी तरह के इलायची विज्ञापन को लेकर अभिनेता अक्षय कुमार भी पहले विवादों में आ चुके हैं। विज्ञापन को लेकर आलोचना बढ़ने के बाद अक्षय ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी और ब्रांड एंबेसडर के तौर पर खुद को अलग करने का ऐलान किया था।
अक्षय ने यह भी कहा था कि वह तंबाकू का समर्थन नहीं करते और न ही भविष्य में ऐसा करेंगे। उन्होंने अपनी एंडोर्समेंट फीस सामाजिक कार्य में देने की बात भी कही थी। हालांकि, पुराने अनुबंध के कारण उनके कुछ विज्ञापनों के प्रसारण को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया था कि उन विज्ञापनों का प्रसारण पहले से किए गए कानूनी समझौते के तहत हो रहा है।
अब शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को मिले इस नोटिस के बाद सरोगेट विज्ञापन को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।


