चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस की टेलीकम्युनिकेशन विंग में 400 स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के पूर्व सैनिकों के अलावा हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (एचएसआईएसएफ) और हरियाणा आर्म्ड पुलिस बटालियनों के पूर्व कांस्टेबलों से आवेदन मांगे गए हैं।
नियुक्त किए जाने वाले एसपीओ को उनके गृह थाने में तैनात नहीं किया जाएगा। पद उपलब्ध होने पर तैनाती के दौरान उनके गृह जिले को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, आपात स्थिति में एसपीओ को हरियाणा के किसी भी हिस्से में सीमित अवधि के लिए ड्यूटी पर लगाया जा सकता है।
एक साल तक रहेगी नियुक्ति
एसपीओ की नियुक्ति एक वर्ष या नियमित नियुक्ति होने तक प्रभावी रहेगी। टेलीकम्युनिकेशन उपकरणों के संचालन का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेष रूप से सशस्त्र बलों के सिग्नल कॉर्प्स में काम कर चुके पूर्व सैनिकों को वरीयता मिलेगी।
चयनित उम्मीदवारों को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए 15 दिन का कैप्सूल कोर्स कराया जाएगा।
12वीं पास होना जरूरी
आवेदन के लिए मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य है। विज्ञापन जारी होने की तारीख को उम्मीदवार की उम्र 25 वर्ष से कम और 50 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा सशस्त्र बलों में कम से कम पांच वर्ष की सेवा का अनुभव जरूरी है।
अनुशासनहीनता, कदाचार या मेडिकल रूप से अनफिट होने के कारण सेवा से हटाए या बर्खास्त किए गए पूर्व कर्मचारी इस नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होंगे।
लिखित और शारीरिक परीक्षा नहीं
एसपीओ पद के लिए उम्मीदवारों को किसी लिखित परीक्षा या शारीरिक दक्षता परीक्षा से नहीं गुजरना होगा। नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले चयनित अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।
इसके साथ ही संबंधित जिला पुलिस प्राधिकरण के माध्यम से उम्मीदवार के चरित्र और पूर्ववृत्त का सत्यापन होगा। शैक्षणिक योग्यता, उम्र, श्रेणी और अन्य जरूरी दस्तावेजों की भी संबंधित जारीकर्ता प्राधिकरण से जांच कराई जाएगी।
कभी भी खत्म हो सकती है सेवा
अनुशासनहीनता, कदाचार, असंतोषजनक ड्यूटी या एक वर्ष पूरा होने से पहले आवश्यकता समाप्त होने की स्थिति में एसपीओ की सेवा किसी भी समय समाप्त की जा सकती है। इसके लिए पुलिस अधीक्षक, टेलीकम्युनिकेशन की ओर से आदेश जारी किया जा सकता है और पूर्व नोटिस देना अनिवार्य नहीं होगा।


