चंडीगढ़। हरियाणा सरकार राज्य के उन कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) पास युवाओं को आर्थिक मदद देने की तैयारी में है, जिन्हें दो साल तक रोजगार नहीं मिल पाता है। ऐसे युवाओं को ‘सक्षम युवा योजना’ के तहत प्रति माह 100 घंटे का काम दिया जाएगा और उसके बदले मानदेय प्रदान किया जाएगा।
हालिया सर्वे के अनुसार, प्रदेश में ऐसे 5,40,428 CET पास युवा चिन्हित किए गए हैं। सरकार की योजना 1 नवंबर (हरियाणा दिवस) से इस योजना का लाभ देने की है। मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत विजन 2047’ के तहत आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना की रूपरेखा जल्द से जल्द अंतिम रूप देकर इसे 1 नवंबर से लागू किया जाए।
मानदेय की राशि पर जल्द फैसला
योजना के तहत मिलने वाले मानदेय को लेकर मंथन जारी है। नवंबर 2024 में सरकार ने दो साल तक ₹9,000 प्रति माह देने की घोषणा की थी। हालांकि, अब इन्हें सक्षम योजना के तहत जोड़ने का निर्णय लिया गया है, जहाँ वर्तमान में योग्यता के आधार पर ₹1,200 से ₹6,000 तक का मानदेय मिलता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मानदेय की अंतिम राशि और व्यवस्था तय करने के निर्देश दिए हैं।
कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी शिक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए:
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एआई और ड्रोन ट्रेनिंग: युवाओं को एआई (AI), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक से जोड़ने के लिए करनाल, पंचकूला और पानीपत में ₹20 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक केंद्र बनाए जा रहे हैं।
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फतेहाबाद में कौशल विश्वविद्यालय: फतेहाबाद में ‘श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय’ का रीजनल सेंटर (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित होगा।
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एआई हब व हार्ड स्किल ट्रेनिंग: पंचकूला और गुरुग्राम में एआई हब बनाए जा रहे हैं, जबकि 2 लाख युवाओं को हार्ड स्किल की ट्रेनिंग दी जाएगी।
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हर जिले में मॉडल ITI: प्रदेश के सभी जिलों में मॉडल ITI और ब्लॉक स्तर पर नई ITI खोली जाएंगी। चरखी दादरी, पिल्लूखेड़ा, पंचकूला और कुरुक्षेत्र में नई ITI का निर्माण होगा।
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संस्कृति एवं उद्यमिता केंद्र: कुरुक्षेत्र के उमरी में स्किल फैकल्टी ट्रेनिंग के लिए आर्ट-कल्चर सेंटर और फतेहाबाद, सुल्तानपुर व अन्तेड़ी में उद्यमिता विकास केंद्र बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ITI और कौशल विकास से जुड़ा एक विशेष AI पोर्टल तैयार किया जाए, ताकि प्रशिक्षण और रोजगार डेटा का प्रभावी प्रबंधन हो सके। इन सभी योजनाओं की हर तीन महीने में समीक्षा की जाएगी।


