Sports News: भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग को लेकर चल रहा विवाद अब खत्म होता नजर आ रहा है। हॉकी इंडिया ने आगामी 2026 एशियन गेम्स के लिए भारतीय हॉकी टीम की मुख्य जर्सी का रंग नीला ही रखने का फैसला किया है। संगठन ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को इसकी जानकारी दे दी है। हालांकि, भगवा रंग को सेकेंडरी किट के विकल्प के तौर पर बरकरार रखा जाएगा।
विवाद के बाद बदला फैसला
हॉकी इंडिया के कोषाध्यक्ष शेखर मनोहरन ने मंगलवार को जर्सी के रंग को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि भारतीय ओलंपिक संघ ने किट के लिए हॉकी इंडिया से पसंदीदा रंग बताने को कहा था। हॉकी इंडिया ने अपनी पहली पसंद के तौर पर नीले रंग को चुना है, जबकि भगवा रंग को दूसरी प्राथमिकता दी गई है।
दरअसल, अगस्त 2026 में एफआईएच हॉकी विश्व कप से पहले हॉकी इंडिया की ओर से नीली जर्सी की जगह भगवा रंग की जर्सी अपनाने की घोषणा की गई थी। इस फैसले के सामने आने के बाद भारतीय हॉकी की पारंपरिक पहचान को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
नीली टर्फ पर विजिबिलिटी का दिया गया था तर्क
भगवा जर्सी को लेकर हॉकी इंडिया ने तर्क दिया था कि नीली टर्फ पर खिलाड़ियों के लिए नीली जर्सी की विजिबिलिटी एक समस्या बन रही थी। इसी वजह से खिलाड़ियों और कोचों की ओर से पीले या नारंगी जैसे रंगों का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया था।
हालांकि, जर्सी का रंग बदलने के फैसले का पूर्व खिलाड़ियों और कई प्रमुख हस्तियों ने विरोध किया। पूर्व भारतीय कप्तान परगट सिंह, धनराज पिल्लै और वीरेन रासकिन्हा जैसे दिग्गजों ने भारतीय हॉकी की पारंपरिक नीली जर्सी को बदलने पर सवाल उठाए थे।
वहीं, ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय हॉकी के प्रमुख समर्थकों में शामिल नवीन पटनायक ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया था।
एशियन गेम्स में नीली जर्सी में दिखेगी टीम इंडिया
लगातार विरोध और विवाद के बीच हॉकी इंडिया ने अब अपनी पहली पसंद के तौर पर नीले रंग को बरकरार रखने का फैसला किया है। ऐसे में 2026 एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी टीम एक बार फिर अपनी पारंपरिक नीली जर्सी में नजर आ सकती है। भगवा रंग को फिलहाल सेकेंडरी किट के लिए रखा गया है।


