चंडीगढ़: 2030 में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी में हरियाणा को भागीदार बनाने की मांग अब राजनीतिक स्तर पर भी जोर पकड़ने लगी है। हरियाणा कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया और विधायकों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रदेश को खेलों की सह-मेजबानी देने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि देश की कुल आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब दो प्रतिशत है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भारत के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में प्रदेश की भूमिका काफी अहम रही है। ऐसे में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की सह-मेजबानी हरियाणा को देना प्रदेश के खिलाड़ियों के योगदान का सम्मान होगा।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव
हरियाणा कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की सह-मेजबानी का मुद्दा उठाया गया। बैठक में मौजूद विधायकों ने इस मांग का समर्थन किया और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि खेलों के आयोजन में हरियाणा को भी शामिल किया जाए।
कांग्रेस का कहना है कि हरियाणा ने लंबे समय से देश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। कुश्ती, मुक्केबाजी, हॉकी, एथलेटिक्स और शूटिंग समेत कई खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
‘आबादी दो प्रतिशत, लेकिन खेलों में योगदान बड़ा’
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा की आबादी देश की कुल आबादी का लगभग दो प्रतिशत है, लेकिन ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में प्रदेश का योगदान उल्लेखनीय है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने लगातार देश का गौरव बढ़ाया है। ऐसे में प्रदेश को सिर्फ खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर गर्व करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के जरिए यहां खेल सुविधाओं को और मजबूत करना चाहिए।
सह-मेजबानी से मजबूत होगा खेल बुनियादी ढांचा
कांग्रेस विधायक दल का मानना है कि अगर हरियाणा को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की सह-मेजबानी मिलती है तो प्रदेश के खेल बुनियादी ढांचे को बड़ा फायदा हो सकता है।
इससे नए स्टेडियम, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल व्यवस्थाओं के निर्माण से प्रदेश में खेलों से जुड़े रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
खिलाड़ियों को अपने प्रदेश में मिलेगा अंतरराष्ट्रीय अनुभव
कांग्रेस ने कहा कि हरियाणा को देश में खेल प्रतिभाओं की नर्सरी के तौर पर पहचान मिली है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से निकलकर कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया है।
ऐसे में कांग्रेस 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की सह-मेजबानी को सिर्फ एक बड़े खेल आयोजन के तौर पर नहीं देख रही है। पार्टी का मानना है कि इससे हरियाणा की खेल प्रतिभा को नई पहचान मिलेगी और प्रदेश के खिलाड़ियों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने का भी मौका मिलेगा।


