फरीदाबाद / नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने सेक्सटॉर्शन (Sextortion) और ब्लैकमेलिंग करने वाले एक बड़े संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में फरीदाबाद के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जो राजस्थान के मेवात क्षेत्र से संचालित होने वाले एक शातिर साइबर नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। इन पर एक व्यक्ति को जाल में फंसाकर करीब 5.80 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस द्वारा पकड़े गए तीनों आरोपी फरीदाबाद के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं:
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राजेश (उम्र 18 वर्ष)
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कुनाल (उम्र 22 वर्ष)
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इमरान (उम्र 23 वर्ष)
कैसे बुना गया ब्लैकमेलिंग का जाल?
पीड़ित ने पुलिस को आपबीती बताते हुए इस गैंग के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का खुलासा किया। 6 मई को पीड़ित के व्हाट्सएप (WhatsApp) पर एक अनजान युवती की वीडियो कॉल आई, जिसने खुद को परिचित बताया। बातचीत के दौरान युवती ने पीड़ित को अश्लील हरकतें करने के लिए उकसाया और चुपके से उस पूरी वीडियो कॉल को रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद उस वीडियो को सोशल मीडिया और पीड़ित के रिश्तेदारों में वायरल करने का डर दिखाकर अलग-अलग किस्तों में कुल 5.80 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।
डिजिटल सबूतों से दबोचे गए आरोपी
ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने उत्तर-पूर्व जिला साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई । पुलिस ने बैंक खातों के लेनदेन और डिजिटल फुटप्रिंट्स की तकनीकी जांच शुरू की।सबसे पहले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजेश को दबोचा गया। इसके बाद उसकी निशानदेही पर गैंग के दो अन्य साथियों—कुनाल और इमरान को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्य आरोपी इमरान के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद कर लिया गया है। पुलिस अब राजस्थान के मेवात में बैठे गिरोह के मुख्य सरगनाओं की तलाश कर रही है।
साइबर पुलिस की बेहद जरूरी सलाह
इस घटना के मद्देनजर साइबर पुलिस ने आम जनता के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है:
किसी भी अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल (Video Call) को न उठाएं और न ही संदिग्ध सोशल मीडिया प्रोफाइल से कोई संपर्क बढ़ाएं।
यदि आप अनजाने में ऐसे किसी जाल या ब्लैकमेलिंग का शिकार हो जाते हैं, तो घबराने या पैसे देने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराएं।


