SPORTS DESK : भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया की लगातार खराब फील्डिंग पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका मानना है कि केवल बल्लेबाजी या गेंदबाजी के दम पर टीम को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता और जो खिलाड़ी लगातार फील्डिंग में निराश करते हैं, उन्हें टीम में जगह नहीं मिलनी चाहिए। एक बातचीत के दौरान गावस्कर ने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में फील्डिंग उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई खिलाड़ी बार-बार आसान कैच छोड़ता है या मैदान पर कमजोर प्रदर्शन करता है, तो उसे टीम से बाहर करने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छोटी-छोटी गलतियां भी मैच का परिणाम बदल सकती हैं। उनका मानना है कि चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों का मूल्यांकन केवल रन और विकेट के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी फील्डिंग क्षमता के आधार पर भी करना चाहिए। गावस्कर ने जोर देकर कहा कि भारत जैसी शीर्ष टीम के खिलाड़ियों से हर विभाग में उच्च स्तर के प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है। यदि टीम विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा बनाए रखना चाहती है, तो फील्डिंग के स्तर में तुरंत सुधार करना होगा।
हाल के मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा कई आसान कैच छोड़े जाने और फील्डिंग में हुई गलतियों के कारण टीम को नुकसान उठाना पड़ा। इसी पृष्ठभूमि में गावस्कर की यह टिप्पणी सामने आई है, जिसने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल टीम प्रबंधन की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी मैचों में भारतीय टीम फील्डिंग पर विशेष ध्यान दे सकती है, ताकि ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति न हो।


