Viral News: देश में जल्द ही ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक (पॉलीमर) नोट देखने को मिलेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ट्रायल के तौर पर दोनों मूल्यों के 100-100 करोड़ (कुल 200 करोड़) पॉलीमर नोट छापेगा। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में और भी पॉलीमर नोट जारी किए जाएंगे।
पॉलीमर नोट क्या हैं और सरकार इन्हें क्यों ला रही है?
पॉलीमर नोट कागज की जगह एक विशेष प्लास्टिक सामग्री पर छापे जाते हैं। इन्हें लाने के प्रमुख कारण हैं:
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लंबी उम्र: ये नोट पानी से नहीं गलते, धूल-गंदगी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते नहीं हैं।
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नकली नोटों पर रोक: पॉलीमर शीट पर उन्नत सुरक्षा मानक (Advanced Security Features) जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोट बनाना बेहद मुश्किल होगा।
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छपाई खर्च में बचत: कागजी नोट जल्दी खराब होते हैं, जिससे छपाई का लागत खर्च बढ़ता है (FY25 में RBI ने कागजी नोटों की छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च किए)। पॉलीमर नोट टिकाऊ होने के कारण लंबे समय तक चलेंगे, जिससे बार-बार छापने का खर्च घटेगा।
ये नोट बाजार में कब तक आएंगे?
RBI की नोट-प्रिंटिंग यूनिट ने पॉलीमर शीट की आपूर्ति के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया है, जिसमें बोलियां जमा करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त तय की गई है। टेंडर प्रक्रिया और छपाई पूरी होने के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतारा जाएगा।
आपको बता देंः
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2012: भारत ने पहली बार पॉलीमर नोट लाने का प्रयास किया था, लेकिन तकनीकी कारणों से योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
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2026 (हालिया स्थिति): RBI गवर्नर द्वारा विचार और समीक्षा के बाद, केंद्र सरकार ने 200 करोड़ पॉलीमर नोटों के परीक्षण (ट्रायल) को औपचारिक मंजूरी दे दी है।


