चंडीगढ़: राज्यसभा उपचुनाव में फर्जीवाड़े के आरोपी नवनीत चतुर्वेदी की हिरासत को लेकर पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस के बीच तनातनी चरम पर है। मंगलवार को सुखना लेक पर हुए हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद यह मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। एक तरफ जहां पंजाब पुलिस आरोपी की कस्टडी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है, वहीं आरोपी नवनीत ने भी अपनी सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
फिलहाल, नवनीत चतुर्वेदी चंडीगढ़ पुलिस की हिरासत में सेक्टर 3 थाने में है, जबकि पंजाब पुलिस की टीमें थाने के बाहर डेरा डाले हुए हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
इस कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए पंजाब पुलिस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नवनीत की कस्टडी की मांग की है। पुलिस ने दलील दी है कि रोपड़ में आरोपी के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर करने का गंभीर मामला दर्ज है, जिसकी जांच के लिए उसकी हिरासत जरूरी है।
वहीं, दूसरी ओर से नवनीत चतुर्वेदी ने भी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पंजाब पुलिस से अपनी जान को खतरा बताया है। याचिका में मांग की गई है कि पंजाब पुलिस को उसे गिरफ्तार करने से पहले 10 दिन का नोटिस देना अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही उसने यह भी जानकारी मांगी है कि पंजाब में उसके खिलाफ कुल कितने मामले दर्ज हैं।
यह विवाद पंजाब से खाली हुई राज्यसभा सीट पर हुए उपचुनाव से जुड़ा है। नवनीत चतुर्वेदी ने इस सीट से नामांकन दाखिल करते हुए दावा किया था कि उसे ‘आप’ के 10 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और उसने उनके हस्ताक्षर वाले दस्तावेज भी जमा कराए थे। हालांकि, बाद में इन सभी विधायकों ने अपने हस्ताक्षरों को फर्जी बताते हुए इससे इनकार कर दिया।
इसी शिकायत के आधार पर पंजाब पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया और मंगलवार (14 अक्टूबर) को उसे गिरफ्तार करने के लिए चंडीगढ़ पहुंची थी। लेकिन राज्यसभा नामांकन के कारण चतुर्वेदी को चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा मिली हुई थी, जिसके चलते चंडीगढ़ पुलिस ने उसे पंजाब पुलिस के हवाले करने से इनकार कर दिया।
इसी बात को लेकर कल सुखना लेक पर दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई और हालात इतने बिगड़ गए कि पिस्टल तक निकल आईं। अंत में चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और आरोपी को सेक्टर 3 थाने ले जाया गया, जहां यह गतिरोध अभी भी जारी है।
