PUNJAB DESK : पंजाब में किसानों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) और बीकेयू (एकता सिद्धूपुर) के आह्वान पर मंगलवार को राज्य के कई टोल प्लाजाओं पर किसानों ने प्रदर्शन किया और कई स्थानों पर वाहनों को बिना टोल शुल्क दिए गुजरने दिया। आंदोलन के तहत अजीजपुर और धरेड़ी जट्टां टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह प्रदर्शन राज्य सरकार की लैंड पूलिंग नीति, लैंड मॉर्गेज बैंक से जुड़े मामलों और किसानों की अन्य लंबित मांगों को लेकर किया गया।
किसान नेताओं का कहना है कि सरकार लगातार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उनका आरोप है कि प्रस्तावित लैंड पूलिंग नीति के जरिए किसानों की उपजाऊ जमीन कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की तैयारी की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार इस नीति को तुरंत वापस ले और किसानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए। बीकेयू (एकता सिद्धूपुर) के नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट (लैंड मॉर्गेज) बैंक में किसानों के साथ अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि पिछले कई महीनों से प्रभावित किसान न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसान संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान टोल प्लाजाओं पर पुलिस बल भी तैनात रहा। हालांकि आंदोलन शांतिपूर्ण रहा और किसानों ने कहा कि उनका उद्देश्य आम जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना है। कई स्थानों पर वाहनों को बिना टोल दिए गुजरने की अनुमति दी गई, जिससे यात्रियों को राहत भी मिली। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। किसान नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो आने वाले दिनों में पंजाबभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार ठोस समाधान नहीं निकालती।
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