फतेहाबाद। हरियाणा के फतेहाबाद में चंडीगढ़ रोड स्थित 33 केवी बिजली घर के ग्रामीण कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीम ने ट्यूबवेल कनेक्शन का नाम बदलने के एवज में 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक यूडीसी (UDC) क्लर्क, एक हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) का कर्मी और एक अप्रेंटिस शामिल है। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।
कैसे बिछाया गया एसीबी का जाल?
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शिकायतकर्ता: गांव फतेहपुरी के निवासी बलजिंदर सिंह ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उनके ट्यूबवेल कनेक्शन का नाम बदलने के लिए कार्यालय के कर्मचारी ₹12,000 की मांग कर रहे हैं।
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ट्रैप की योजना: शिकायत के आधार पर एसीबी फतेहाबाद के इंचार्ज मनमोहन सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। योजना के तहत शिकायतकर्ता को केमिकल लगे हुए नोट देकर कार्यालय भेजा गया।
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रंगे हाथों गिरफ्तारी: जैसे ही कार्यालय में मौजूद अप्रेंटिस करण ने शिकायतकर्ता से पैसे लिए, पहले से तैयार एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। केमिकल की वजह से जांच के दौरान उसके हाथ लाल हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत है।
इन तीन आरोपियों पर गिरी गाज
एसीबी ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से तीन लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें शुरुआती जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया गया:
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सत्यनारायण – यूडीसी (UDC) क्लर्क
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विनोद – असिस्टेंट लाइनमैन (HKRN के तहत कार्यरत)
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करण – अप्रेंटिस
एसीबी की अपील: एसीबी इंचार्ज मनमोहन सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत इसकी सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दें ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।
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