चंडीगढ़: हरियाणा में रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और सरकारी नौकरियों को लेकर राजनीतिक पारा एक बार फिर चढ़ गया है। राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष, खासतौर पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रोजगार, पारदर्शी भर्ती और युवाओं के अवसरों की बात करने से पहले कांग्रेस को देश व प्रदेश पर किए गए अपने 55 वर्षों के शासनकाल का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।
‘कांग्रेस काल में खर्ची-पर्ची का बोलबाला, अब मेरिट पर नौकरियां’
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में सरकारी भर्ती प्रक्रियाएं हमेशा विवादों, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरी रहीं।
इसके विपरीत, वर्तमान भाजपा सरकार ने प्रदेश में ‘बिना पर्ची और बिना खर्ची’ के पारदर्शी व्यवस्था लागू की है, जिससे योग्य और प्रतिभावान युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां मिल रही हैं।
युवाओं का सरकारी व्यवस्था पर बढ़ा विश्वास
CM नायब सैनी ने कहा कि भाजपा सरकार ने भर्ती प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया है। इससे हरियाणा के लाखों युवाओं का सरकारी चयन प्रक्रियाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ है। अब नौकरियां किसी राजनीतिक सिफारिश या पैसों के दम पर नहीं, बल्कि केवल प्रतिभा और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं।
‘जनता भूली नहीं है कांग्रेस के दौर के भर्ती घोटाले’
विपक्ष की घेराबंदी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस आज भले ही युवाओं के भविष्य और रोजगार की चिंता जताने का नाटक कर रही हो, लेकिन जनता उनके दौर के भर्ती घोटालों और भ्रष्टाचार को भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि उस दौर में आम और मेधावी युवाओं के हक पर डाका डाला जाता था।
कौशल विकास और पारदर्शी भर्तियों पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि हरियाणा सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए नए उद्योगों को बढ़ावा देकर निवेश लाया जा रहा है। सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को पारदर्शी तरीके से भरने की प्रक्रिया जारी है। युवाओं को कौशल विकास (Skill Development) और आत्मनिर्भरता के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के हर योग्य युवा को बेहतर भविष्य और रोजगार सुनिश्चित कराना है।


