गुरुग्राम। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को काले झंडे दिखाने के बाद से लापता चल रहे कांग्रेस के दो जिलाध्यक्ष सोमवार देर रात अचानक गुरुग्राम पहुंच गए। वर्धन राव और पंकज डावर सीधे डीसीपी वेस्ट करन गोयल के कार्यालय पहुंचे और पुलिस के सामने पेश हुए। इसके बाद दोनों नेताओं को जमानत दे दी गई।
दोनों नेताओं के अचानक सामने आने से पहले पूरे दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में उनके ठिकाने को लेकर असमंजस बना रहा। कांग्रेस ने पुलिस पर दोनों नेताओं को हिरासत में लेने और उनके बारे में जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया था।
पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
वर्धन राव और पंकज डावर के लापता होने के विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से दोनों जिलाध्यक्षों के बारे में जानकारी देने की मांग की और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए।
कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने ऐसा कौन सा अपराध किया था, जिसके लिए उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया।
पार्टी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लेने के बाद उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की। कांग्रेस ने मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने और कथित मारपीट के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल दोनों जिलाध्यक्षों के पुलिस के सामने पेश होने और जमानत मिलने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।


