झज्जर: रोहतक लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दूसरे राज्यों के दौरों और हरियाणा के हालात को लेकर निशाना साधा। झज्जर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा कमेटी) की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को हरियाणा के लिए समय नहीं मिल रहा, जबकि वह दूसरे राज्यों में भाजपा के चुनावी प्रचार में व्यस्त नजर आ रहे हैं।
हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले बिहार के दौरे पर थे और अब पंजाब में भाजपा के लिए प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब का चुनावी अभियान खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश में भी भाजपा के प्रचार में दिखाई देंगे। हुड्डा ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को दूसरे राज्यों की राजनीति से ज्यादा हरियाणा की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
कानून व्यवस्था को लेकर भी घेरा
दीपेंद्र हुड्डा ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब में जाकर कानून व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं और भाजपा की सरकार बनने पर बदमाशों व गैंगस्टरों पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं। हुड्डा ने सवाल किया कि हरियाणा में कानून व्यवस्था की स्थिति किसी से छिपी है क्या?
उन्होंने चंडीगढ़ में अधिकारियों पर नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री के बयान का भी जिक्र किया। हुड्डा ने कहा कि जब मुख्यमंत्री खुद यह कहते हैं कि उनके कहने के बावजूद चपरासी तक का तबादला नहीं हो रहा, तो इससे सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण पर सवाल खड़े होते हैं।
दिशा कमेटी की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा
इससे पहले झज्जर के लघु सचिवालय में दिशा कमेटी की बैठक हुई, जिसमें जिले में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में बेरी विधायक डॉ. रघुवीर कादयान, झज्जर विधायक गीता भुक्कल, बादली विधायक कुलदीप वत्स और बहादुरगढ़ के निर्दलीय विधायक राजेश जून मौजूद रहे।
दीपेंद्र हुड्डा ने अधिकारियों से विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय मंजूर कई परियोजनाएं अभी तक धरातल पर शुरू नहीं हो पाई हैं।
सड़क, स्कूल और अस्पताल के मुद्दों पर मांगा जवाब
बैठक में सड़क, स्कूल, अस्पताल और खेल स्टेडियम से जुड़े विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई। हुड्डा ने अधिकारियों से परियोजनाओं की धीमी रफ्तार को लेकर जवाब मांगा। बैठक में गैरहाजिर अधिकारियों को लेकर भी उन्होंने सख्त रुख अपनाया और जिम्मेदारी से बचने वालों पर कार्रवाई की बात कही।
विकास कार्यों की स्थिति पर बोलते हुए हुड्डा ने सरकारी रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में अंतर होने का आरोप लगाया। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, “सरकारी कागजों में धरातल का मिजाज गुलाबी है और यह दावा किताबी है, हकीकत जो है आपके सामने है।” उन्होंने कहा कि फाइलों में विकास की तस्वीर भले ही बेहतर दिखाई जाए, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग नजर आती है।


