पंजाब: पंजाब विधानसभा में आगामी 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मॉक सत्र के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को राज्य के 117 विधानसभा क्षेत्रों से आए 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने इस पहल का नेतृत्व करते हुए बताया कि इस मॉक सत्र का मुख्य उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, कानून निर्माण की बारीकियों और सदन की कार्यवाही का वास्तविक अनुभव प्रदान करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे छात्रों में राजनीति और नेतृत्व के प्रति सकारात्मक रुचि पैदा होगी।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को विधानसभा के नियमों, प्रश्न पूछने की प्रक्रिया, बहस में हिस्सा लेने और सदन की मर्यादा बनाए रखने के बारे में विस्तार से समझाया गया। विधानसभा सचिव राम लोक खटाना ने छात्रों को सदन की परंपराओं और व्यावहारिक कार्यप्रणाली से अवगत कराया। इस मॉक सत्र में छात्र अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों और मंत्रियों की भूमिका निभाएंगे। जैसे, हरकमलदीप सिंह मुख्यमंत्री का किरदार निभाएंगे, जबकि कोटकपूरा के जगमंदर सिंह स्पीकर और कादियां के हरप्रीत सिंह विपक्ष के नेता की भूमिका में नजर आएंगे। स्पीकर संधवां ने कहा कि यह अनुभव छात्रों के जीवन में एक यादगार अध्याय जोड़ेगा और उन्हें भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद करेगा।
रिहर्सल के दौरान छात्रों और शिक्षकों में भारी उत्साह देखने को मिला। कई छात्रों के लिए विधानसभा देखना और वहां भूमिका निभाना एक सपने के सच होने जैसा था। इस मौके पर मौजूद विधायक मोहम्मद जमील उर रहमान, मनजीत सिंह बिलासपुर और कुंवर विजय प्रताप सिंह समेत अन्य नेताओं ने छात्रों का मनोबल बढ़ाया। शिक्षकों ने भी सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाने वाला कदम बताया। यह मॉक सत्र नई पीढ़ी को नेतृत्व की दिशा में प्रेरित करने का एक अनूठा प्रयास साबित होगा।
