पंजाब/श्रीनगर: नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित विशाल नगर कीर्तन अपनी रूहानी यात्रा पर अग्रसर है। श्रीनगर के गुरुद्वारा पातशाही छेवीं से शुरू हुआ यह नगर कीर्तन अपने पहले पड़ाव में लगभग 250 किलोमीटर का सफर तय कर चुका है। इस दौरान रास्ते में कश्मीरी अवाम और प्रशासन ने जिस श्रद्धा और उत्साह के साथ नगर कीर्तन का स्वागत किया, उसने आपसी भाईचारे की एक नई मिसाल पेश की है। कुलगाम, अनंतनाग और रामबन जिलों में जगह-जगह संगत ने फूलों की वर्षा की और लंगर लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने नगर कीर्तन के सुचारू संचालन के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। एसएसपी ट्रैफिक, डिप्टी कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी की। रामबन में जिला प्रशासन ने चाय-पकोड़ों का लंगर लगाया, वहीं स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस और मेडिकल टीमें भी साथ रहीं। 544 किलोमीटर लंबी इस यात्रा का अगला पड़ाव जम्मू होगा, जिसके बाद यह पठानकोट और होशियारपुर होते हुए 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा, जहां चारों दिशाओं से आने वाले नगर कीर्तन एक साथ मिलेंगे।
