बठिंडा: पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अपना 56वां संविधान दिवस पूरे उत्साह और अकादमिक गरिमा के साथ मनाया। विश्वविद्यालय के विधि विभाग और डॉ. अंबेडकर पीठ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य वक्ता के रूप में पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के प्रो. रौनकी राम ने ‘संविधान एक सेतु के रूप में’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने संविधान को केवल एक कानूनी दस्तावेज न बताकर इसे न्याय और सामाजिक परिवर्तन का नैतिक चार्टर करार दिया।
कुलपति प्रो. राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने अपने संबोधन में छात्रों को समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के मूल्यों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की शुरुआत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता से हुई और अंत में सभी ने सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों में संवैधानिक जागरूकता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को सुदृढ़ करना था।
