चंडीगढ़: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने 7.8 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। मामला 2016 का है, जब मोहाली स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के साथ धोखाधड़ी की गई थी। मुख्य आरोपी मनीष जैन और रमेश कुमार जैन को तीन साल की कठोर कारावास और 35,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, अन्य पांच आरोपियों- रचना जैन, भूपिंदर सिंह, प्रतीपाल सिंह, संजीव कुमार जैन और अनीता जैन को भी तीन साल की सजा और 15,000 रुपये का जुर्माना भुगतना होगा।
सीबीआई की जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची और बैंक को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया। सीबीआई ने 2017 में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद लंबी सुनवाई चली। अदालत ने सबूतों के आधार पर माना कि आरोपियों का मुख्य उद्देश्य बैंक को धोखा देना था। सीबीआई ने कहा कि आर्थिक अपराधों के खिलाफ उनकी सख्ती आगे भी जारी रहेगी।
