चंडीगढ़ : पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही मुहिम ने बुधवार को एक निर्णायक मोड़ ले लिया, जब ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की गई। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में इस अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि अब यह लड़ाई केवल सरकारी कार्रवाई नहीं, बल्कि एक व्यापक जन आंदोलन बनेगी।
सभा को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब ने पूरे देश को दिखाया है कि नशों के खिलाफ असली जंग कैसे लड़ी जाती है। उन्होंने बताया कि 1 मार्च 2025 से शुरू हुए पहले चरण के बाद से अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब 28 हजार केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें से लगभग 88 प्रतिशत मामलों में अदालतों ने दोषियों को सजा सुनाई है। उन्होंने कहा कि यह उच्च सजा दर साबित करती है कि कार्रवाई ईमानदार और मजबूत रही है।
केजरीवाल ने कहा कि पिछले दस महीनों में करीब 42 हजार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 350 से ज्यादा बड़े ड्रग माफिया शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नशे के पैसे से बनाई गई संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें जब्त किया गया, जिससे यह साफ संदेश गया कि पंजाब में अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसे बड़े तस्करों को जेल भेजा गया, जिनका नाम लेने से पहले लोग डरते थे।
जनभागीदारी पर जोर देते हुए केजरीवाल ने कहा कि फेज़-II की नींव इसी सोच पर रखी गई है कि आम लोग अपने इलाके में नशा बेचने वालों को अच्छी तरह जानते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए गांवों और शहरी वार्डों में विलेज डिफेंस कमेटियां (VDC) बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि अब तक करीब डेढ़ लाख स्वयंसेवक इन कमेटियों से जुड़ चुके हैं, जिससे यह अभियान एक जन आंदोलन में बदल गया है। स्वयंसेवकों के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है, जिसके जरिए वे गोपनीय रूप से जानकारी साझा कर सकेंगे और इसकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी।
केजरीवाल ने बताया कि 10 से 30 जनवरी तक पूरे पंजाब में पदयात्राएं निकाली जाएंगी और 13 फरवरी को VDC स्वयंसेवकों का एक बड़ा राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी नागरिक 9899100002 पर मिस्ड कॉल देकर इस अभियान से जुड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सख्त कार्रवाई के साथ-साथ नशा पीड़ितों के इलाज और पुनर्वास पर भी सरकार का पूरा ध्यान है और राज्य में नशामुक्ति ढांचे को मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जनता का उत्साह यह दिखाता है कि पंजाब नशों के खिलाफ जंग जीतने के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि नशा सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिसे केवल जन आंदोलन के जरिए ही खत्म किया जा सकता है। मान ने पिछली सरकारों पर नशे के कारोबार को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब को बर्बाद करने के उनके “पाप कभी माफ नहीं किए जाएंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ड्रग तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है, जबकि नशा पीड़ितों के साथ सहानुभूति रखते हुए उनके इलाज और पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि नशामुक्ति केंद्रों की संख्या और सुविधाएं बढ़ाई गई हैं और इलाज पूरी तरह मुफ्त है। साथ ही उन्होंने सरकार की अन्य उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि 61 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी दी गई है और शिक्षा, स्वास्थ्य व खेल ढांचे को मजबूत किया गया है।
वरिष्ठ आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब ने ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ के पहले चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर इतिहास रचा है और उन्हें पूरा भरोसा है कि दूसरे चरण में जनभागीदारी के जरिए नशे के नेटवर्क पूरी तरह टूट जाएंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया कि सख्त कानून व्यवस्था, जन निगरानी, इलाज, पुनर्वास और रोकथाम को मिलाकर यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक पंजाब पूरी तरह नशा मुक्त नहीं हो जाता।
