दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा ट्विस्ट आने वाला है? राहुल गांधी का कुरुक्षेत्र में बड़ा कार्यक्रम, और वहां एक नेता को स्पेशल ट्रीटमेंट मिला । कौन? चंद्रमोहन बिश्नोई! ये कोई कोइंसिडेंस नहीं है। सूत्रों की मानें तो चंद्रमोहन को राज्यसभा की सीट मिल सकती है, और इसमें कुमारी शैलजा का पूरा सपोर्ट है। शैलजा हाईकमान तक लॉबिंग कर रही हैं! लेकिन क्यों? क्या ये कांग्रेस का मास्टरस्ट्रोक है? आइए ब्रेकडाउन करते हैं टॉप 5 रीजन…
पॉइंट 1: गैर-जाट वोटों का जादू!
दोस्तों, हरियाणा में जाट वोट तो हमेशा चर्चा में रहते हैं, लेकिन गैर-जाट वोट? वो गेम चेंजर हैं! चंद्रमोहन बिश्नोई का नाम आगे करने से कांग्रेस को सबसे बड़ा फायदा गैर-जाट वोटों से मिल सकता है। याद है चौधरी भजनलाल? वो हरियाणा के सबसे लंबे समय तक गैर-जाट सीएम रहे। OBC और पंजाबी वोटरों पर उनकी पकड़ कमाल की थी। चंद्रमोहन उनके बेटे हैं, तो ये वोट कांग्रेस की झोली में आ सकते हैं। पिछले चुनाव में गैर-जाट वोट BJP को मिले, और कांग्रेस हार गई। अब कांग्रेस ये दांव खेल रही है – क्या कामयाब होगी? कमेंट में बताओ!
पॉइंट 2: अनुभवी प्लेयर की एंट्री!
चंद्रमोहन बिश्नोई हरियाणा कांग्रेस के सबसे अनुभवी विधायकों में से एक हैं। उन्होंने पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के साथ राजनीति शुरू की थी। पहली बार 1993 में कालका से MLA बने, और अब पंचकूला से 5वीं बार जीते हैं। इतना ही नहीं, वो हरियाणा सरकार में डिप्टी सीएम भी रह चुके हैं! हां, निजी कारणों से पद छोड़ना पड़ा, लेकिन उनका एक्सपीरियंस गोल्ड है। राज्यसभा में ऐसे नेता की क्या जरूरत है? क्योंकि वो हरियाणा की ग्राउंड रियलिटी जानते हैं!
पॉइंट 3: शैलजा का स्ट्रॉन्ग सपोर्ट! चंद्रमोहन शैलजा गुट के क्लोज लीडर हैं। शैलजा खामोश हैं, लेकिन बैकडोर से हाईकमान तक लॉबिंग कर रही हैं। कांग्रेस की हालिया हार के बाद हाईकमान शैलजा की सुन सकता है। इससे शैलजा को हरियाणा में अपनी पोजिशन मजबूत करने का मौका मिलेगा। क्या ये कांग्रेस की इंटरनल पॉलिटिक्स का हिस्सा है? इंटरेस्टिंग है ना?
पॉइंट 4: BJP स्पीकर को धूल चटाई! चंद्रमोहन का कद बड़ा है क्योंकि उन्होंने अर्बन सीट पंचकूला से BJP के स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता को हराया। 2019 में हार का बदला लिया! गैर-जाट वोटों में सेंध लगाकर BJP को शॉक दिया। जहां BJP का जोर रहता है, वहां कांग्रेस की जीत – ये कोई साधारण बात नहीं। राज्यसभा में ऐसे फाइटर की क्या वैल्यू है? अनलिमिटेड!
पॉइंट 5: भजनलाल की विरासत वापस लाने का प्लान! चंद्रमोहन पूर्व सीएम भजनलाल के बड़े बेटे हैं। भजनलाल ने विरासत कुलदीप बिश्नोई को सौंपी थी, जो अब BJP में हैं। आदमपुर और फतेहाबाद जैसे गढ़ों में कांग्रेस हारी, तो अब चंद्रमोहन को आगे कर वो वोटरों को डायवर्ट करने का प्लान है। बड़े बेटे होने से लेगेसी वोटर जुड़ सकते हैं। क्या कांग्रेस ये मास्टरस्ट्रोक से हरियाणा में कमबैक करेगी?
