Punjab Desk: पंजाब के सरकारी स्कूलों की कायापलट अब हकीकत में बदलती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की “शिक्षा क्रांति” का परिणाम है कि आज प्रदेश के प्रतिष्ठित और मेधावी (Meritorious) स्कूलों में दाखिले के लिए छात्रों में होड़ मची है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने हाल ही में इसके प्रभावशाली आंकड़े साझा किए हैं।
सीटें कम, उम्मीदें ज्यादा: एक नजर आंकड़ों पर
शिक्षा मंत्री के अनुसार, सत्र 2026-27 के लिए दाखिला प्रक्रिया में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जहाँ कुल उपलब्ध सीटें लगभग 20,000 हैं, वहीं आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या 2 लाख के पार पहुंच गई है।
| कक्षा | कुल पंजीकरण (Registration) | पूर्ण आवेदन (Completed) |
| 9वीं | 93,300 | 74,855 |
| 11वीं | 1,10,716 | 92,624 |
| कुल | 2,04,016 | 1,67,479 |
स्कूलों की व्यवस्था और सीटों का विवरण
पंजाब में वर्तमान में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस (प्रतिष्ठित स्कूल) और 10 मेरिटोरियस (आवासीय) स्कूल चल रहे हैं।
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कक्षा 9वीं: प्रतिष्ठित स्कूलों में 4,248 सीटें हैं (प्रति स्कूल औसतन 36 सीटें)। इसके अतिरिक्त एक आवासीय स्कूल में 50 सीटें उपलब्ध हैं।
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कक्षा 11वीं: प्रतिष्ठित स्कूलों में कुल 15,104 स्वीकृत सीटें हैं। इसमें से 11,187 सीटों पर नए दाखिले होंगे, जबकि शेष सीटें पुराने छात्रों के प्रमोशन के लिए हैं। वहीं, आवासीय स्कूलों में 4,600 सीटें उपलब्ध हैं।
क्यों बढ़ रहा है रुझान?
शिक्षा मंत्री ने बताया कि निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों की ओर छात्रों का मुड़ना शिक्षा की बदलती गुणवत्ता का प्रमाण है। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर लैब और अनुभवी शिक्षकों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
