उत्तर भारत में मौसम का डबल अटैक: पंजाब में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और हिमाचल में बर्फबारी के बीच रास्ते बहाल

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Punjab Desk: उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ पंजाब में हाड़ कंपाने वाली ठंड का कहर जारी है, वहीं हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के बाद जनजीवन को पटरी पर लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

पंजाब: घनी धुंध और शीतलहर का ‘ऑरेंज अलर्ट’

मौसम विभाग ने शुक्रवार को पंजाब के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि राज्य में भीषण शीतलहर के साथ-साथ बेहद घनी धुंध (Dense Fog) छाए रहने की प्रबल संभावना है।

  • तापमान का हाल: वीरवार को पंजाब के अधिकांश हिस्सों में सुबह धूप जरूर निकली, लेकिन बर्फीली हवाओं ने ठंड का अहसास कम नहीं होने दिया। फरीदकोट राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • आने वाले दिनों का अनुमान: राहत की उम्मीद कम है क्योंकि रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश: मनाली-केलंग मार्ग बहाल, अटल टनल पर जमी बर्फ

पहाड़ों में भारी बर्फबारी के बाद रास्तों को खोलने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए महज 24 घंटे के भीतर मनाली-केलंग सड़क को फिर से चालू कर दिया है, जिससे लाहुल-स्पीति का मुख्यालय दोबारा मनाली से जुड़ गया है।

  • पर्यटकों के लिए नियम: रास्ता खुलने के बावजूद सुरक्षा कारणों से फिलहाल पर्यटकों को केलंग जाने की अनुमति नहीं दी गई है। अटल टनल रोहतांग और सोलंगनाला के पास अभी भी 4 से 5 फीट तक बर्फ जमी हुई है।

  • स्नो प्वाइंट और ट्रैफिक: मनाली के आसपास रांगड़ी से सोलंगनाला तक का 15 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह स्नो प्वाइंट में तब्दील हो चुका है। बड़ी संख्या में पर्यटक फोर-बाय-फोर वाहनों के जरिए पहुँच रहे हैं, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जाम से निपटने के लिए कड़ी चौकसी बढ़ा दी है।

  • ताजा हिमपात: आज सुबह कल्पा और रिकांगपिओ में भी ताजा हिमपात दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

यात्रियों के लिए सलाह: पंजाब और हिमाचल की यात्रा करने वाले लोग घने कोहरे और फिसलन भरी सड़कों को देखते हुए सावधानी बरतें। पहाड़ों की ओर जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस जरूर चेक करें।

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